{"_id":"61a9186bdc09417923676ac1","slug":"farmers-upset-due-to-lack-of-sacks-at-purchasing-centers-bhadohi-news-vns6257545172","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्रय केंद्रों पर बोरे की कमी से किसान परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्रय केंद्रों पर बोरे की कमी से किसान परेशान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसानों ने बृहस्पतिवार को डीएम का ध्यान आकृष्ट करते हुए धान को क्रय केंद्रों तक लाने के लिए बोरा उपलब्ध कराने की मांग की। आरोप लगाया कि विभाग पांच लाख बोरे मिलने का दावा कर रहा है, लेकिन नये बोरे किसानों को न देकर ऐसे मिलरों को दिया जा रहा है जो विभागीय शर्तों पर कुटाई करने के लिए राजी हुए हैं।
डीघ ब्लॉक के दरवांसी गांव निवासी और किसान घम्मू पटेल ने बताया कि लगभग 150 क्विंटल धान की मड़ाई करने के बाद घर में रखा है। खाद-बीज, कीटनाशक के अलावा बाजारों से निजी खर्च पर अधिकतर बोरे खरीद कर धान भरा गया है। यदि विभाग हड़ताल पर चल रहे मिलर्स की महंगाई दर बढ़ाकर सहयोग ले तो बोरे की कमी दूर हो सकती है। सुर्खियों में रहने वाले विभागीय अधिकारी-कर्मचारी नये बोरे आने की बात कहते हैं, लेकिन नये बोरे किसके लिए हैं, बताने में हिचक रहे हैं। जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसान दानपाल सिंह ने कहा कि एक सप्ताह से सत्यापन कराकर रमईपुर और रोही केंद्र का चक्कर लगा रहे हैं, जहां से बोरे मिलना असंभव है। अधिकारी आज-कल की बात कहकर प्रतिदिन दौड़ा रहे हैं। किसान श्यामधर यादव ने कहा कि 80 क्विंटल से अधिक धान बेचने की मंशा विभाग बोरे के अभाव में सफल नहीं हो पा रही है। बार-बार केंद्रों पर जाने पर बोरे न होने की बात कहकर वापस किया जा रहा है।
डिप्टी एआरएमओ देवेंद्र सिंह ने बताया कि तीन तहसीलों औराई, भदोही, ज्ञानपुर के छह ब्लॉक हैं। इसके तहत कुल 46 केंद्र निर्धारित कर अब तक लगभग 800 किसानों से 26000 क्विंटल धान की खरीद अपर्याप्त संसाधनों के बीच कराई गई है। नये बोरे चावल के लिए हैं। यदि 32 मिलर्स हड़ताल से वापस आ जाएं तो एक-एक मिलर्स 5000-5000 बोरे उपलब्ध करा सकता है। इससे किसानों की समस्या दूर हो सकती है। अगले सप्ताह तक सभी मिलर्स से सहयोग मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीघ ब्लॉक के दरवांसी गांव निवासी और किसान घम्मू पटेल ने बताया कि लगभग 150 क्विंटल धान की मड़ाई करने के बाद घर में रखा है। खाद-बीज, कीटनाशक के अलावा बाजारों से निजी खर्च पर अधिकतर बोरे खरीद कर धान भरा गया है। यदि विभाग हड़ताल पर चल रहे मिलर्स की महंगाई दर बढ़ाकर सहयोग ले तो बोरे की कमी दूर हो सकती है। सुर्खियों में रहने वाले विभागीय अधिकारी-कर्मचारी नये बोरे आने की बात कहते हैं, लेकिन नये बोरे किसके लिए हैं, बताने में हिचक रहे हैं। जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसान दानपाल सिंह ने कहा कि एक सप्ताह से सत्यापन कराकर रमईपुर और रोही केंद्र का चक्कर लगा रहे हैं, जहां से बोरे मिलना असंभव है। अधिकारी आज-कल की बात कहकर प्रतिदिन दौड़ा रहे हैं। किसान श्यामधर यादव ने कहा कि 80 क्विंटल से अधिक धान बेचने की मंशा विभाग बोरे के अभाव में सफल नहीं हो पा रही है। बार-बार केंद्रों पर जाने पर बोरे न होने की बात कहकर वापस किया जा रहा है।
विज्ञापन
डिप्टी एआरएमओ देवेंद्र सिंह ने बताया कि तीन तहसीलों औराई, भदोही, ज्ञानपुर के छह ब्लॉक हैं। इसके तहत कुल 46 केंद्र निर्धारित कर अब तक लगभग 800 किसानों से 26000 क्विंटल धान की खरीद अपर्याप्त संसाधनों के बीच कराई गई है। नये बोरे चावल के लिए हैं। यदि 32 मिलर्स हड़ताल से वापस आ जाएं तो एक-एक मिलर्स 5000-5000 बोरे उपलब्ध करा सकता है। इससे किसानों की समस्या दूर हो सकती है। अगले सप्ताह तक सभी मिलर्स से सहयोग मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन