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किसान सभा का राज्य सम्मेलन
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भदोही। उप्र किसान सभा के तीन दिवसीय राज्य सम्मेलन के तीसरे दिन सोमवार को लगभग 45 जनपदों से आए किसान प्रतिनिधियों ने अपने जनपदों की कृषकों की समस्याएं साझा की। इस दौरान लोगों ने कहा कि सरकार केवल अपनी राजनीतिक गोटी सेट करने में लगी हुई है। वक्ताओं ने कहा कि सरकार के विपक्ष को खत्म करने का सपना अन्नदाताओं को ही समाप्त कर सकती है। प्रदेश भर में किसान विभिन्न समस्याओं से परेशान हैं जिन्हें दूर करने के बारे में तनिक भी नहीं सोचा जा रहा है।
मुख्य वक्ता राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक धवले ने कहा कि किसानों को समझ लेना चाहिए कि उनकी समस्याओं का बस एक निदान है कि वे एकजुट रहें। कहा कि सरकार सिंचाई के संसाधन तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है। किसानों को निजी संसाधनों पर आश्रित होना पड़ रहा है। अलग-अलग जिलों से आए प्रतिनिधियों ने अपने जनपदों की मुख्य समस्याएं बताईं। सम्मेलन के दूसरे दिन के समापन तक मुख्य समस्याओं में सिंचाई की समस्या, आपदा में सरकार से राहत न मिलने, छुट्टा पशु किसानों की उपज खराब कर रहे हैं इसका कोई निदान नहीं किया जा रहा है। इतना ही नहीं सरकार करोड़ों रुपये गोशालाओं पर खर्च कर रही है लेकिन गोशालाओं में जानवर मर रहे हैं जिसकी ओर सरकार का ध्यान नहीं है।
लोगों ने कहा कि सरकार अब नलकूपों में मीटर लगा रही है। इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। सम्मेलन के दूसरे दिन वाराणसी, बुलंद शहर, गोरखपुर, अलीगढ़, कुशीनगर, मेरठ, अयोध्या, इटावा, आजमगढ़, देवरिया आदि लगभग 45 जिलों के प्रतिनिधियों ने विचार रखे। केंद्रीय नेतृत्व ने लोगों को आश्वासन दिया कि वे अपनी मांगों को लेकर अडिग रहें। सम्मेलन में आगामी वर्ष किए जाने वाले कार्यों को अंतिम रूप दिया गया। संचालन मुकुट सिंह। अध्यक्षता भरत सिंह ने की। पूर्व विधायक कृष्ण प्रसाद, हीरा लाल यादव, बादल सरोज, इंद्रदेव पाल, बाबू राम यादव, सतीश, रवि मिश्रा, लालचंद यादव, रामचंद्र पटेल, रमापति यादव, प्रेम बहादुर आदि मौजूद रहे।
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मुख्य वक्ता राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक धवले ने कहा कि किसानों को समझ लेना चाहिए कि उनकी समस्याओं का बस एक निदान है कि वे एकजुट रहें। कहा कि सरकार सिंचाई के संसाधन तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है। किसानों को निजी संसाधनों पर आश्रित होना पड़ रहा है। अलग-अलग जिलों से आए प्रतिनिधियों ने अपने जनपदों की मुख्य समस्याएं बताईं। सम्मेलन के दूसरे दिन के समापन तक मुख्य समस्याओं में सिंचाई की समस्या, आपदा में सरकार से राहत न मिलने, छुट्टा पशु किसानों की उपज खराब कर रहे हैं इसका कोई निदान नहीं किया जा रहा है। इतना ही नहीं सरकार करोड़ों रुपये गोशालाओं पर खर्च कर रही है लेकिन गोशालाओं में जानवर मर रहे हैं जिसकी ओर सरकार का ध्यान नहीं है।
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लोगों ने कहा कि सरकार अब नलकूपों में मीटर लगा रही है। इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। सम्मेलन के दूसरे दिन वाराणसी, बुलंद शहर, गोरखपुर, अलीगढ़, कुशीनगर, मेरठ, अयोध्या, इटावा, आजमगढ़, देवरिया आदि लगभग 45 जिलों के प्रतिनिधियों ने विचार रखे। केंद्रीय नेतृत्व ने लोगों को आश्वासन दिया कि वे अपनी मांगों को लेकर अडिग रहें। सम्मेलन में आगामी वर्ष किए जाने वाले कार्यों को अंतिम रूप दिया गया। संचालन मुकुट सिंह। अध्यक्षता भरत सिंह ने की। पूर्व विधायक कृष्ण प्रसाद, हीरा लाल यादव, बादल सरोज, इंद्रदेव पाल, बाबू राम यादव, सतीश, रवि मिश्रा, लालचंद यादव, रामचंद्र पटेल, रमापति यादव, प्रेम बहादुर आदि मौजूद रहे।
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