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सावन के अंतिम सोमवार को उमड़ी आस्था
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ज्ञानपुर के हरिहरनाथ मंदिर पर जलाभिषेक के लिए लाइन में खड़े श्रद्धालु। संवाद
- फोटो : BHADOHI
ज्ञानपुर। सावन के अंतिम सोमवार को जिले के शिवमंदिरों और देवालयों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। हर-हर महादेव और बोल बम के नारों से वातावरण पूरे दिन भक्तिमय होता रहा। काशी और प्रयाग के मध्य उत्तरवाहिनी गंगा के तट पर स्थित पौराणिक सेमराधनाथ धाम पर हजारों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक और पूजन-अर्चन किया। बड़े शिव मंदिर और तिलेश्वरनाथ धाम पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
सोमवार को पौ फटने से पूर्व ही जिले के शिवालय हर-हर महादेव के नारों और घंट-घड़ियालों की ध्वनि से गूंजने लगे। सावन के अंतिम सोमवार को ज्ञानपुर स्थित सिद्धपीठ हरिहरनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। हरिहरनाथ धाम में सुबह से लेकर शाम तक मंगला आरती, जलाभिषेक और शाम की आरती-शृंगार आदि आयोजनों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही।
उधर, सेमराधनाथ धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मंगला आरती के बाद भोर में चार बजे मंदिर का कपाट खुल गया। इसके बाद दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हुआ। जल चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं और कांवरियों में होड़ मच गई थी। लोग घंटों लाइन में लगकर जलाभिषेक कर रहे थे। महिलाएं, बच्चे, वयस्क और बूढ़े सभी शिवभक्ति में लीन रहे। प्रयागराज से जल लेकर चले कांवरियों के अलावा उत्तरवाहिनी गंगा तट से उठाए गए जल से भी बाबा सेमराधनाथ का जलाभिषेक हुआ। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान तैनात किए गए थे। सेमराध स्थित कल्प वृक्ष कुटी आश्रम के महंत स्वामी करुणाशंकर दास ने बताया कि सावन के अंतिम सोमवार को हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा का दर्शन-पूजन किया। इसके अलावा औराई, घोसिया, ऊंज, सुभाषनगर, सीतामढ़ी, मोढ़, सुरियावां, दुर्गागंज, बाबूसराय, महाराजगंज, चौरी आदि इलाकों में भी सावन के आखिरी सोमवार को भारी भीड़ उमड़ी। इसी तरह गोपीगंज के बड़े शिव, तिलेश्वरनाथ धाम में भी दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ के श्रीचरणों में श्रद्धा अर्पित की। पूरे दिन दर्शन-पूजन के कारण मंदिर परिसर श्रद्धालुओं की भीड़ से खचाखच भरा रहा।
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सोमवार को पौ फटने से पूर्व ही जिले के शिवालय हर-हर महादेव के नारों और घंट-घड़ियालों की ध्वनि से गूंजने लगे। सावन के अंतिम सोमवार को ज्ञानपुर स्थित सिद्धपीठ हरिहरनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। हरिहरनाथ धाम में सुबह से लेकर शाम तक मंगला आरती, जलाभिषेक और शाम की आरती-शृंगार आदि आयोजनों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही।
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उधर, सेमराधनाथ धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मंगला आरती के बाद भोर में चार बजे मंदिर का कपाट खुल गया। इसके बाद दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हुआ। जल चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं और कांवरियों में होड़ मच गई थी। लोग घंटों लाइन में लगकर जलाभिषेक कर रहे थे। महिलाएं, बच्चे, वयस्क और बूढ़े सभी शिवभक्ति में लीन रहे। प्रयागराज से जल लेकर चले कांवरियों के अलावा उत्तरवाहिनी गंगा तट से उठाए गए जल से भी बाबा सेमराधनाथ का जलाभिषेक हुआ। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान तैनात किए गए थे। सेमराध स्थित कल्प वृक्ष कुटी आश्रम के महंत स्वामी करुणाशंकर दास ने बताया कि सावन के अंतिम सोमवार को हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा का दर्शन-पूजन किया। इसके अलावा औराई, घोसिया, ऊंज, सुभाषनगर, सीतामढ़ी, मोढ़, सुरियावां, दुर्गागंज, बाबूसराय, महाराजगंज, चौरी आदि इलाकों में भी सावन के आखिरी सोमवार को भारी भीड़ उमड़ी। इसी तरह गोपीगंज के बड़े शिव, तिलेश्वरनाथ धाम में भी दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ के श्रीचरणों में श्रद्धा अर्पित की। पूरे दिन दर्शन-पूजन के कारण मंदिर परिसर श्रद्धालुओं की भीड़ से खचाखच भरा रहा।
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