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खुदे गड्ढों को पाट दिया, निर्माण सामग्री भी उठा ले गए
ब्यूरो/ अमर उजाला, भदोही
Updated Wed, 13 Jan 2016 01:42 AM IST
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रात्रि में ग्रामीणों ने मौके पर जाकर न केवल खोदे गए गड्ढों को पाट दिया बल्कि वहां से कुछ निर्माण सामग्री भी गायब कर दी।
लोगों ने मुख्यमंत्री का पुतला भी फूंकने का प्रयास किया। हालांकि मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर किसी तरह शांत किया।
मंगलवार को मौके से लौटे पुलिस क्षेत्राधिकारी एपी सिंह ने बताया कि ग्रामीणों में यह भ्रांति फैल गई थी कि वहां स्लाटर हाउस का निर्माण कराया जाएगा। इस पर लोग अपने गुस्से का इजहार करने लगे।
इस बीच रात जब गांव में पुलिस बल नहीं थी तो भारी संख्या में महिला पुरुष ग्रामीणों ने मौके पर जाकर खोदे गए गड्ढों को न केवल पाट दिया बल्कि कुछ निर्माण सामग्री भी उठा ले गए।
इसी गुस्से में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का पुतला भी फूंकने का प्रयास किया जिसे मौजूद शहर कोतवाल अजय श्रीवास्तव ने असफल कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि वे अपने गांव में स्लाटर हाउस नहीं बनने देंगे।
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सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने धर्य से काम लेते हुए विरोध कर रहे लोगों की मंशा समझी और उनकी भ्रांती दूर की।
उपजिलाधिकारी आशाराम यादव ने लोगों को बनने वाले कूड़ा प्रबंधन केंद्र के बारे में बताया। इससे जुड़े कागजात और शासनादेश भी दिखाया तब जाकर ग्रामीणों को भरोसा हुआ।
एसडीएम ने बताया कि ग्रामीणों के मन मे जो भ्रांति थी उसे दूर कर दिया गया है। हलांकि कुछ आज हुए विरोध की बात को देखते हुए मौके पर एहतियात के तौर पर कुछ और दिन पुलिस फोर्स तैनात किए जाने का निर्णय लिया गया है।
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लोगों ने मुख्यमंत्री का पुतला भी फूंकने का प्रयास किया। हालांकि मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर किसी तरह शांत किया।
मंगलवार को मौके से लौटे पुलिस क्षेत्राधिकारी एपी सिंह ने बताया कि ग्रामीणों में यह भ्रांति फैल गई थी कि वहां स्लाटर हाउस का निर्माण कराया जाएगा। इस पर लोग अपने गुस्से का इजहार करने लगे।
इस बीच रात जब गांव में पुलिस बल नहीं थी तो भारी संख्या में महिला पुरुष ग्रामीणों ने मौके पर जाकर खोदे गए गड्ढों को न केवल पाट दिया बल्कि कुछ निर्माण सामग्री भी उठा ले गए।
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इसी गुस्से में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का पुतला भी फूंकने का प्रयास किया जिसे मौजूद शहर कोतवाल अजय श्रीवास्तव ने असफल कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि वे अपने गांव में स्लाटर हाउस नहीं बनने देंगे।
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सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने धर्य से काम लेते हुए विरोध कर रहे लोगों की मंशा समझी और उनकी भ्रांती दूर की।
उपजिलाधिकारी आशाराम यादव ने लोगों को बनने वाले कूड़ा प्रबंधन केंद्र के बारे में बताया। इससे जुड़े कागजात और शासनादेश भी दिखाया तब जाकर ग्रामीणों को भरोसा हुआ।
एसडीएम ने बताया कि ग्रामीणों के मन मे जो भ्रांति थी उसे दूर कर दिया गया है। हलांकि कुछ आज हुए विरोध की बात को देखते हुए मौके पर एहतियात के तौर पर कुछ और दिन पुलिस फोर्स तैनात किए जाने का निर्णय लिया गया है।