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निजी चिकित्सक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज
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गोपीगंज। बृहस्पतिवार की रात तिलंगा गांव निवासी छात्र कुलदीप दुबे (12) की इंजेक्शन लगाने के बाद हुई मौत के मामले में निजी चिकित्सक के खिलाफ शुक्रवार को पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। छात्र के दादा विजय नारायण दुबे की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
तिलंगा गांव निवासी संदीप दुबे के पुत्र कुलदीप के शरीर पर किसी कारणवश फफोले पड़ गए थे। बृहस्पतिवार को जब वह स्कूल से वापस आया तो परिजन दवा दिलाने के लिए बस स्टैंड स्थित एक निजी चिकित्सालय में ले गए थे। वहां इलाज के दौरान इंजेक्शन लगते ही छात्र की हालत बिगड़ गई और कुछ ही देर बाद उसने दम तोड़ दिया था। छात्र की मौत की सूचना जैसे ही परिजनों को लगी, वे अन्य ग्रामीणों के साथ कोतवाली पहुंच गए और कर निजी चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने अस्पताल पहुंच कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इसके साथ ही आरोपी चिकित्सक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया। दूसरे दिन शुक्रवार को दोपहर बाद तक परिजन ज्ञानपुर स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर डटे रहे। इस दौरान वे कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
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स्वास्थ्य विभाग मेहरबान
गोपीगंज। नगर क्षेत्र में कई ऐसे लोग चिकित्सीय प्रैक्टिस कर रहे हैं, जिनके पास इसकी कोई मान्य डिग्री नहीं है। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग की ओर से इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती। पड़ाव से मिर्जापुर रोड तक तरह-तरह की सुविधाओं की लालच देकर मरीजों का उपचार तो शुरू कर दिया जाता है, लेकिन मामला उलझने पर हकीकत उजागर हो जाती है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की लापरवाही के चलते मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर रुख करना विवशता हो जाती है। जहां मरीज आर्थिक शोषण के साथ-साथ जानमाल से भी हाथ धोते हैं। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की मेहरबानी से झोलाछाप लोगों की जान से खिलवाड़ करते रहते हैं।
तिलंगा गांव निवासी संदीप दुबे के पुत्र कुलदीप के शरीर पर किसी कारणवश फफोले पड़ गए थे। बृहस्पतिवार को जब वह स्कूल से वापस आया तो परिजन दवा दिलाने के लिए बस स्टैंड स्थित एक निजी चिकित्सालय में ले गए थे। वहां इलाज के दौरान इंजेक्शन लगते ही छात्र की हालत बिगड़ गई और कुछ ही देर बाद उसने दम तोड़ दिया था। छात्र की मौत की सूचना जैसे ही परिजनों को लगी, वे अन्य ग्रामीणों के साथ कोतवाली पहुंच गए और कर निजी चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
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पुलिस ने अस्पताल पहुंच कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इसके साथ ही आरोपी चिकित्सक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया। दूसरे दिन शुक्रवार को दोपहर बाद तक परिजन ज्ञानपुर स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर डटे रहे। इस दौरान वे कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
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स्वास्थ्य विभाग मेहरबान
गोपीगंज। नगर क्षेत्र में कई ऐसे लोग चिकित्सीय प्रैक्टिस कर रहे हैं, जिनके पास इसकी कोई मान्य डिग्री नहीं है। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग की ओर से इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती। पड़ाव से मिर्जापुर रोड तक तरह-तरह की सुविधाओं की लालच देकर मरीजों का उपचार तो शुरू कर दिया जाता है, लेकिन मामला उलझने पर हकीकत उजागर हो जाती है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की लापरवाही के चलते मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर रुख करना विवशता हो जाती है। जहां मरीज आर्थिक शोषण के साथ-साथ जानमाल से भी हाथ धोते हैं। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की मेहरबानी से झोलाछाप लोगों की जान से खिलवाड़ करते रहते हैं।