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पूर्व प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ एनबीडब्लयू
Updated Sat, 08 Sep 2018 12:45 AM IST
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ज्ञानपुर। गोपीगंज थाने के पूर्व निरीक्षक सुनील कुमार की मुश्किलेें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कोर्ट ने एनबीडब्लयू जारी कर दिया है। लॉकअप में आटो चालक रामजी मिश्र के मौत के मामले में कोर्ट ने आदेश जारी किया। विवेचक की मांग पर न्यायालय ने यह आदेश दिया। इससे निरीक्षक पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है।
29 जुलाई को गोपीगंज कोतवाली में आटो चालक रामजी मिश्र की पुलिस लॉकअप में मौत हो गई थी। रामजी मिश्र की बेटी रेनू की तहरीर पर निरीक्षक सुनील कुमार के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। प्रकरण में फूलबाग निवासी रेनू मिश्रा ने न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और ओमप्रकाश सेवेन की अदालत में याचिका दाखिल कर आरोपित प्रभारी निरीक्षक की गिरफ्तारी की मांग की थी। साथ ही पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई थी। कोर्ट ने प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए एसपी समेत विवेचना अधिकारी को तलब किया था। कोर्ट ने सख्त तेवर दिखाया तो पुलिस हरकत में आई। मामले में निरीक्षक के अलावा तीन अन्य पुलिसकर्मियों पर भी निलंबन की कार्रवाई की। विवेचक सीओ औराई रामकरन की मांग पर कोर्ट ने पूर्व निरीक्षक के खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी किया।
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29 जुलाई को गोपीगंज कोतवाली में आटो चालक रामजी मिश्र की पुलिस लॉकअप में मौत हो गई थी। रामजी मिश्र की बेटी रेनू की तहरीर पर निरीक्षक सुनील कुमार के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। प्रकरण में फूलबाग निवासी रेनू मिश्रा ने न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और ओमप्रकाश सेवेन की अदालत में याचिका दाखिल कर आरोपित प्रभारी निरीक्षक की गिरफ्तारी की मांग की थी। साथ ही पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई थी। कोर्ट ने प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए एसपी समेत विवेचना अधिकारी को तलब किया था। कोर्ट ने सख्त तेवर दिखाया तो पुलिस हरकत में आई। मामले में निरीक्षक के अलावा तीन अन्य पुलिसकर्मियों पर भी निलंबन की कार्रवाई की। विवेचक सीओ औराई रामकरन की मांग पर कोर्ट ने पूर्व निरीक्षक के खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी किया।
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