फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   काउंटर से नहीं मिल पा रहा रिजर्वेशन टिकट,दलालों की चांदी

काउंटर से नहीं मिल पा रहा रिजर्वेशन टिकट,दलालों की चांदी

Sun, 16 Jun 2019 12:28 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 16 Jun 2019 12:28 AM IST
विज्ञापन
काउंटर से नहीं मिल पा रहा रिजर्वेशन टिकट,दलालों की चांदी
गोपीगंज। पूर्वोत्तर रेलवे के ज्ञानपुर रोड स्टेशन स्थित रिजर्वेशन खिड़की पर भले ही वेटिंग लिस्ट लंबी हो रही है, लेकिन रेल पुलिस की शह पर दलालों की अच्छी दुकानदारी स्टेशन के ठीक सामने ही चल रही है। भीषण गर्मी में 12 से 24 घंटे का समय गंवाने के बाद भी यात्रियों को बिना टिकट ही वापस होना मजबूरी बनकर रह गई है। न चाहकर भी यात्री दलालों से हजार-दो हजार देकर टिकट प्राप्त करने को विवश हैं। शनिवार को भी खिड़की से टिकट न मिलने से यात्रियों को वापस होना पड़ा।
विज्ञापन

खंड का प्रमुख स्टेशन होने के कारण दूरगामी ट्रेनों का ठहराव देकर आरक्षण काउंटर खोला गया है। शादी-विवाह से खाली होकर पुन:अपनी रोजी-रोटी पर पहुंचने के लिए यात्रियों का बड़ा समूह टिकट के लिए रोजाना खिड़की पर पहुंच जलालत झेलता है। गत सप्ताह तत्काल और एसी तक का टिकट न मिलने से भारी गहमागहमी का दंश कर्मचारियों को झेलना पड़ा था। अब सूरत, मुंबई जैसे महानगरों के लिए भी टिकट के लिए मारामारी दिनचर्या बन चुकी है। दिन हो या रात, भोर या अर्द्धरात्रि हर समय लोग टिकट के लिए स्टेशन पर समय बिता रहे हैं फिर भी टिकट का मिल पाना असंभव बना हुआ है। सुरक्षा एवं संरक्षा की दृष्टि से तैनात होने वाली रेलवे पुलिस विभागीय मिलीभगत से दलालों का वर्चस्व तोड़ पाने में नाकाम साबित हो चुकी है। शनिवार की भोर से लाइन में खड़े रामजस, उमेश कुमार, सूरज प्रसाद का कहना था कि तीन दिन से हम लोग टिकट का इंतजार कर रहे हैं न तो स्लीपर का ही टिकट मिल पा रहा है न ही एसी का। जब तक हम लोगों का नंबर आता है तो लिस्ट वेटिंग में बदल जाती है। नियम-कानून को तोड़कर दलालों को टिकट कहां से प्राप्त हो जा रहे हैं आश्चर्य बना हुआ है। भीड़ में कौन दलाल है या आम यात्री चिन्हित कर पाना मुश्किल हो रहा है। लंबी लाइनों के बीच कुछ लोग खिड़की के इर्द-गिर्द मंडराकर अंदर की सेटिंग से काम चला रहे हैं। उसी टिकट को महंगे दर पर बेच कर मोटी कमाई से बाज नहीं आते। जबकि स्टेशन प्रशासन सबकुछ देखते हुए भी कुछ नहीं कर पाती। इस संबंध में पीआरओ वाराणसी मंडल महेश गुप्ता का कहना रहा कि यह कोई एक जगह का मामला नहीं है। पूरे देश में समस्या जटिल हो चुकी है। एक साथ यात्रा के समय टिकट की कमी नहीं बल्कि कोच के फुल हो जाने पर उक्त समस्या उत्पन्न होती है। रही बात दलालों की तो मंडल सुरक्षा आयुक्त को निर्देशित कर अभियान चलाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed