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पूर्व सीडीओ की बढ़ी मुश्किल, जांच शुरू
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ज्ञानपुर। सेवानिवृत्त मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह के खिलाफ राज्यपाल ने जांच बैठा दी है। जिसमें आरोप है कि अलीगढ मंडल में संयुक्त विकास आयुक्त पद पर तैनाती के दौरान रानू कुमार नामक व्यक्ति को फर्जी अंकपत्र के सहारे अध्यापक के पद पर बहाल करने के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी हाथरस को पत्र जारी कर निर्देशित किया था। इसके लिए अपर आयुक्त(मनरेगा) को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
अलीगढ़ मंडल में संयुक्त विकास आयुक्त पद पर तैनाती के दौरान मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह ने एक जून 2017 को एक पत्र बेसिक शिक्षा अधिकारी हाथरस को जारी किया। इसमें हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के फर्जी प्रमाण पत्र के जरिये सहायक अध्यापक बने रानू सिंह नामक व्यक्ति को पद सेवा में बहाल करने के लिए लिखा गया था। मामला राज्यपाल तक पहुंचा तो प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए अपर आयुक्त मनरेगा को जांच अधिकारी नामित कर दिया। राज्यपाल के अनुसचिव डॉ. अंबरीष कुमार सिंह ने पत्र जारी कर विधिवत जांच करने को कहा है। दो माह के अंदर सीडी और हार्डकॉपी सहित रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। बताते चलें कि सेवानिवृत्त से पूर्व जिले में भी करीब एक से डेढ़ साल तक रहे मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह का नाम भी कई प्रकरणों में सामने आया, हालांकि लिखित शिकायत न होने से जांच नहीं हो सकी।
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अलीगढ़ मंडल में संयुक्त विकास आयुक्त पद पर तैनाती के दौरान मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह ने एक जून 2017 को एक पत्र बेसिक शिक्षा अधिकारी हाथरस को जारी किया। इसमें हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के फर्जी प्रमाण पत्र के जरिये सहायक अध्यापक बने रानू सिंह नामक व्यक्ति को पद सेवा में बहाल करने के लिए लिखा गया था। मामला राज्यपाल तक पहुंचा तो प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए अपर आयुक्त मनरेगा को जांच अधिकारी नामित कर दिया। राज्यपाल के अनुसचिव डॉ. अंबरीष कुमार सिंह ने पत्र जारी कर विधिवत जांच करने को कहा है। दो माह के अंदर सीडी और हार्डकॉपी सहित रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। बताते चलें कि सेवानिवृत्त से पूर्व जिले में भी करीब एक से डेढ़ साल तक रहे मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह का नाम भी कई प्रकरणों में सामने आया, हालांकि लिखित शिकायत न होने से जांच नहीं हो सकी।
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