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महिला की उपचार के दौरान मौत
Updated Tue, 18 Dec 2018 01:28 AM IST
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भदोही। महज नौ माह पूर्व नगर के घमहापुर में ब्याही गई युवती की सोमवार को वाराणसी के सर सुंदर लाल अस्पताल में मौत हो गई। मृतका शबीना बानो का मायका नगर क्षेत्र के जमुंद मोहल्ले में है। विवाहिता के परिजनों ने गत छह दिसंबर को ही कोतवाली में तहरीर देकर ससुराल वालों पर बेटी को मारपीट कर मरणासन्न अवस्था मेें घर से भगा देने का आरोप लगाया था। तब से उसका उपचार चल रहा था। विवाहिता की मौत के बाद सोमवार को दो दर्जन लोग कोतवाली पहुंचे और उसके मौत हो जाने की जानकारी देते हुए ससुराल वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
गत दह दिसंबर को विवाहिता के पिता शकील अहमद ने कोतवाली में तहरीर देकर गत मार्च में बेटी की शादी धूमधाम से करने की जानकारी देते हुए बताया था कि शादी पक्की हो जाने के बाद भी बेटी के होने वाले पति सैफ अहमद ने बेटी को देखने की इच्छा जताई थी। शादी के एक सप्ताह पहले जब शादी के कार्ड आदि बंट गए थे तब लड़के ने खुद आकर दहेज में दुपहिया गाड़ी मांगी थी। जिसे बड़ी मुश्किल से पूरी भी की गई। लेकिन, शादी के छह महीने बाद से ही दामाद और ससुराल वाले अपना असली रंग दिखाने लगे। बताया कि कई बार उन्होंने बेटी को मार कर घर से भगा दिया। लेकिन, हम लोगों ने बार-बार बेटी को समझा बुझाकर ससुराल भेज दिया था। पिता ने रोते हुए कहा कि हम लोग नहीं जानते थे कि वे बेटी के साथ ऐसा करेंगे। बताया कि तीन दिसंबर को पुन: ससुराल वालों ने मारपीट कर बेटी को घर से निकाल दिया। इसके बाद उसकी हालत देख कर राजकीय एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया जहां से सोमवार को चिकित्सकों ने वाराणसी शिव प्रसाद गुप्त अस्पताल रेफर कर दिया, जहां जाने पर सर सुंदर लाल अस्पताल रेफर कर दिया गया लेकिन अस्पताल पहुंचते ही बेटी की मौत हो गई। इस बाबत कोतवाल नवीन कुमार तिवारी ने बताया कि मामला संज्ञान मे है। पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार शव के साथ परिजनों को बुलाया गया है। उनके लौटने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
गत दह दिसंबर को विवाहिता के पिता शकील अहमद ने कोतवाली में तहरीर देकर गत मार्च में बेटी की शादी धूमधाम से करने की जानकारी देते हुए बताया था कि शादी पक्की हो जाने के बाद भी बेटी के होने वाले पति सैफ अहमद ने बेटी को देखने की इच्छा जताई थी। शादी के एक सप्ताह पहले जब शादी के कार्ड आदि बंट गए थे तब लड़के ने खुद आकर दहेज में दुपहिया गाड़ी मांगी थी। जिसे बड़ी मुश्किल से पूरी भी की गई। लेकिन, शादी के छह महीने बाद से ही दामाद और ससुराल वाले अपना असली रंग दिखाने लगे। बताया कि कई बार उन्होंने बेटी को मार कर घर से भगा दिया। लेकिन, हम लोगों ने बार-बार बेटी को समझा बुझाकर ससुराल भेज दिया था। पिता ने रोते हुए कहा कि हम लोग नहीं जानते थे कि वे बेटी के साथ ऐसा करेंगे। बताया कि तीन दिसंबर को पुन: ससुराल वालों ने मारपीट कर बेटी को घर से निकाल दिया। इसके बाद उसकी हालत देख कर राजकीय एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया जहां से सोमवार को चिकित्सकों ने वाराणसी शिव प्रसाद गुप्त अस्पताल रेफर कर दिया, जहां जाने पर सर सुंदर लाल अस्पताल रेफर कर दिया गया लेकिन अस्पताल पहुंचते ही बेटी की मौत हो गई। इस बाबत कोतवाल नवीन कुमार तिवारी ने बताया कि मामला संज्ञान मे है। पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार शव के साथ परिजनों को बुलाया गया है। उनके लौटने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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