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18 घंटे बाद हुआ पोस्टमार्टम
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ज्ञानपुर। पुलिस और स्वास्थ्य महकमे की लचर कार्यप्रणाली एक बार फिर सुर्खियों में आ गई। मंगलवार को दुर्घटना में मृत मंसूर अली उर्फ खट्टू के शव का पोस्टमार्टम कर दूसरे दिन यानी 18 घंटे बाद परवाना पहुंचने के बाद दो सदस्यीय चिकित्सक पैनल ने करके शव परिजनों को सौंपा।
मंगलवार की शाम लगभग पांच बजे वहिदानगर-सुभाषनगर मार्ग स्थित नहर पुल के पास दो बाइकों में हुई टक्कर में सूफीनगर-गोधना निवासी मंसूर अली उर्फ खट्टू की मौके पर ही मौत हो गई। इसमें कलापुर निवासी तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। एक की हालत नाजुक होने पर सीएचसी गोपीगंज से रेफर कर दिया गया। सूचना पर पहुंची ऊंज पुलिस ने बिना परवाना तैयार किए ही शव को पोस्टमार्टम हाउस ज्ञानपुर भेज दिया। शव के साथ दर्जन भर से अधिक आसपास के लोग भी पहुंच गए, लेकिन उनको जिला अस्पताल के इमरजेंसी में तैनात पैनल ने पोस्टमार्टम न होने की बात कह निराश कर दिया। थानाध्यक्ष ऊंज प्रदीप कुमार यादव का कहना रहा कि देर रात लगभग 10.30 बजे मृतक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया। बुधवार की सुबह आठ बजे परवाना तैयार होने के बाद 11.30 बजे जिला अस्पताल पहुंचा। उदय नारायण वर्मा की देखरेख में पोस्टमार्टम 12.30 बजे शुरू कराया जा सका। बताया कि छुट्टी का दिन होने से ऐसा हुआ अन्यथा अन्य दिनों में परवाना पहुंचने पर पोस्टमार्टम हो जाता है। उधर मृतक का शव घर पहुंचने पर असर की नमाज के बाज कब्रिस्तान में सुपुर्देखाक किया गया।
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मंगलवार की शाम लगभग पांच बजे वहिदानगर-सुभाषनगर मार्ग स्थित नहर पुल के पास दो बाइकों में हुई टक्कर में सूफीनगर-गोधना निवासी मंसूर अली उर्फ खट्टू की मौके पर ही मौत हो गई। इसमें कलापुर निवासी तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। एक की हालत नाजुक होने पर सीएचसी गोपीगंज से रेफर कर दिया गया। सूचना पर पहुंची ऊंज पुलिस ने बिना परवाना तैयार किए ही शव को पोस्टमार्टम हाउस ज्ञानपुर भेज दिया। शव के साथ दर्जन भर से अधिक आसपास के लोग भी पहुंच गए, लेकिन उनको जिला अस्पताल के इमरजेंसी में तैनात पैनल ने पोस्टमार्टम न होने की बात कह निराश कर दिया। थानाध्यक्ष ऊंज प्रदीप कुमार यादव का कहना रहा कि देर रात लगभग 10.30 बजे मृतक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया। बुधवार की सुबह आठ बजे परवाना तैयार होने के बाद 11.30 बजे जिला अस्पताल पहुंचा। उदय नारायण वर्मा की देखरेख में पोस्टमार्टम 12.30 बजे शुरू कराया जा सका। बताया कि छुट्टी का दिन होने से ऐसा हुआ अन्यथा अन्य दिनों में परवाना पहुंचने पर पोस्टमार्टम हो जाता है। उधर मृतक का शव घर पहुंचने पर असर की नमाज के बाज कब्रिस्तान में सुपुर्देखाक किया गया।
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