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11 भवनों पर चला बुलडोजर
ब्यूरो, भदोही, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 05 Nov 2016 01:25 AM IST
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ज्ञानपुर के गिरधरपुर गांव के समीप तालाब से अतिक्रमण हटवाने के दौरान उपस्थित अधिकारी और पुलिस बल।
- फोटो : bhadohi
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गोपीगंज- ज्ञानपुर मार्ग पर गिरधरपुर गांव में सड़क के किनारे तालाब पर बने 11 अवैध भवनों को शुक्रवार को प्रशासनिक अफसरों की देखरेख में ढहा दिया गया। करीब एक घंटे से अधिक समय तक चले अभियान से आसपास खलबली मची रही। इस दौरान पूर्व प्रमुख समेत सात लोगों का अवैध निर्माण ढहाया गया। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी मौजूद रहीं।
गिरधरपुर गांव में ज्ञानपुर- गोपीगंज मार्ग के किनारे तालाब पर कुछ लोगों ने अवैध निर्माण किया था। गांव के ही कुछ लोगों ने कब्जा हटाने के लिए हाईकोर्ट में रिट दाखिल किया था। याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने डेढ़ माह पूर्व उक्त अतिक्रमण को हटाने के लिए हाईकोर्ट ने आदेश दिया था। आदेश आने के बाद से ही कब्जाधारकों की धड़कने बढ़ गई थी। प्रशासनिक अफसरों ने पखवारे भर का समय देते हुए कब्जाधारकों से भवन में रखे सामानों को हटाने की ताकीद दी थी।
शुक्रवार को सुबह 11 बजे एसडीएम केशवनाथ गुप्ता दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और पीएसी की मौजूदगी में बुलडोजर से 11 भवनों को ढहाया गया। एक से दो दशक पूर्व बने भवनों को गिरता देख लोग परेशान रहे लेकिन तालाब का मामला होने से सभी शांत रहने में ही भलाई समझी। इस दौरान पूर्व प्रमुख महेंद्र यादव, शोभनाथ यादव, रमेश यादव, फूलचंद्र, मतई यादव, सूर्यबली दूबे, खिलाड़ी गौतम का भवन गिराया गया।
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करीब डेढ़ घंटे की कार्रवाई के दौरान आसपास खलबली मची रही। वहीं दूसरी ओर पीड़ितों ने आरोप लगाया कि डेढ़ से दो दशक पूर्व प्रशासनिक अफसरों के आदेश पर लाखों खर्च कर भवन बनाया गया था।
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गिरधरपुर गांव में ज्ञानपुर- गोपीगंज मार्ग के किनारे तालाब पर कुछ लोगों ने अवैध निर्माण किया था। गांव के ही कुछ लोगों ने कब्जा हटाने के लिए हाईकोर्ट में रिट दाखिल किया था। याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने डेढ़ माह पूर्व उक्त अतिक्रमण को हटाने के लिए हाईकोर्ट ने आदेश दिया था। आदेश आने के बाद से ही कब्जाधारकों की धड़कने बढ़ गई थी। प्रशासनिक अफसरों ने पखवारे भर का समय देते हुए कब्जाधारकों से भवन में रखे सामानों को हटाने की ताकीद दी थी।
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शुक्रवार को सुबह 11 बजे एसडीएम केशवनाथ गुप्ता दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और पीएसी की मौजूदगी में बुलडोजर से 11 भवनों को ढहाया गया। एक से दो दशक पूर्व बने भवनों को गिरता देख लोग परेशान रहे लेकिन तालाब का मामला होने से सभी शांत रहने में ही भलाई समझी। इस दौरान पूर्व प्रमुख महेंद्र यादव, शोभनाथ यादव, रमेश यादव, फूलचंद्र, मतई यादव, सूर्यबली दूबे, खिलाड़ी गौतम का भवन गिराया गया।
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करीब डेढ़ घंटे की कार्रवाई के दौरान आसपास खलबली मची रही। वहीं दूसरी ओर पीड़ितों ने आरोप लगाया कि डेढ़ से दो दशक पूर्व प्रशासनिक अफसरों के आदेश पर लाखों खर्च कर भवन बनाया गया था।