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अहाता में बन रहा सामुदायिक शौचालय, विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन
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ज्ञानपुर। डीघ विकास खंड के बड़ागांव में स्वच्छता मिशन अंतर्गत सामुदायिक शौचालय का निर्माण अहाता के अंदर करवाने के खिलाफ ग्रामीणों ने सोमवार को प्रदर्शन कर प्रार्थनापत्र डीएम राजेंद्र प्रसाद को सौंपा।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी मिलीभगत कर शौचालय का निर्माण एक चहेते व्यक्ति के अहाते में शुरू कराने के लिए बोरिंग भी करा दी गई और शीघ्र ही निर्माण कार्य आरंभ कराने की योजना बनाई जा रही है जो जनहित में नहीं है। यदि अहाते के अंदर सरकारी निर्माण पूरा हो जाने पर गांव के किसी भी वर्ग का सदस्य उपयोग के लिए पहुंचेगा तो दुर्व्यवहार का ही सामना करना पड़ सकता है जिस पर आम सहमति नहीं ली गई। सदर तहसील प्रशासन जमीन के अभाव में अहाता को चिह्नित कराया है तो वह अहाता भी तालाब की जमीन को अतिक्रमण कर बनाया गया है उसे ही सामुदायिक शौचालय के नाम आवंटित करना चाहिए था न कि व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए। शीघ्र ही स्थलीय निरीक्षण कर शौचालय का निर्माण कार्य को रोकते हुए ग्रामसभा की जमीन चिह्नित करने की मांग रखी।
ग्राम प्रधान जयप्रकाश दुबे का कहना है कि गांव में खाली पड़ी ग्रामसभा की जमीनों पर व्यापक पैमाने पर अतिक्रमण कर लेने के कारण जमीन नहीं मिल रही थी इस दौरान रामलोलारख तिवारी ने अपनी निजी जमीन शौचालय के नाम दान करने पर निर्माण कराया जा रहा है जिसकी जानकारी लेखपाल, कानूनगो और तहसील प्रशासन को दी जा चुकी है। प्रदर्शन करने वालों में अमरनाथ, पिंटू तिवारी, विनय तिवारी, सुरेंद्रनाथ तिवारी, रविशंकर तिवारी, हरिशंकर विश्वकर्मा, छोटेलाल, दुखराज, आशीष कुमार, अमरचंद, बंशराज सिंह, बच्चूलाल आदि रहे।
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ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी मिलीभगत कर शौचालय का निर्माण एक चहेते व्यक्ति के अहाते में शुरू कराने के लिए बोरिंग भी करा दी गई और शीघ्र ही निर्माण कार्य आरंभ कराने की योजना बनाई जा रही है जो जनहित में नहीं है। यदि अहाते के अंदर सरकारी निर्माण पूरा हो जाने पर गांव के किसी भी वर्ग का सदस्य उपयोग के लिए पहुंचेगा तो दुर्व्यवहार का ही सामना करना पड़ सकता है जिस पर आम सहमति नहीं ली गई। सदर तहसील प्रशासन जमीन के अभाव में अहाता को चिह्नित कराया है तो वह अहाता भी तालाब की जमीन को अतिक्रमण कर बनाया गया है उसे ही सामुदायिक शौचालय के नाम आवंटित करना चाहिए था न कि व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए। शीघ्र ही स्थलीय निरीक्षण कर शौचालय का निर्माण कार्य को रोकते हुए ग्रामसभा की जमीन चिह्नित करने की मांग रखी।
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ग्राम प्रधान जयप्रकाश दुबे का कहना है कि गांव में खाली पड़ी ग्रामसभा की जमीनों पर व्यापक पैमाने पर अतिक्रमण कर लेने के कारण जमीन नहीं मिल रही थी इस दौरान रामलोलारख तिवारी ने अपनी निजी जमीन शौचालय के नाम दान करने पर निर्माण कराया जा रहा है जिसकी जानकारी लेखपाल, कानूनगो और तहसील प्रशासन को दी जा चुकी है। प्रदर्शन करने वालों में अमरनाथ, पिंटू तिवारी, विनय तिवारी, सुरेंद्रनाथ तिवारी, रविशंकर तिवारी, हरिशंकर विश्वकर्मा, छोटेलाल, दुखराज, आशीष कुमार, अमरचंद, बंशराज सिंह, बच्चूलाल आदि रहे।
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