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नगदी संकट से व्यापारियों की बिक्री घटी
अमर उजाला ब्यूरो , भदोही
Updated Sun, 20 Nov 2016 01:06 AM IST
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स्टेशन रोड स्थित एक एटीएम पर रुपये निकालने के लिए लगी कतार
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भदोही। प्रधानमंत्री के नोटबंदी की घोषणा से हर तरह के व्यापारी प्रभावित हुए हैं। मझोले व्यापारियों से लेकर निचले तबके ने इस घोषणा का स्वागत जरूर किया है लेकिन लोगों को नगदी उपलब्ध कराने में प्रबंधन की चूक को लेकर पिछले दस दिनों से व्यापक प्रतिक्रिया हो रही है। लोगों का कहना है कि यदि हर व्यक्ति तक नगदी पहुंचाने की व्यवस्था कारगर होती तो निश्चित रूप से यह बेहतर होगा। हालांकि वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा लगातार कहा जा रहा है कि अब स्थिति सामान्य हो गई है लेकिन एटीएम पर लग रही भीड़ से अभी ऐसा नहीं कहा जा सकता।
कालीन उद्यमियों से लेकर इलेट्रानिक्स उत्पादकों को इस निर्णय से भारी दुश्वारी झेलनी पड़ी है। बाजार में साग सब्जी से लेकर सीमेंट, कंप्यूटर उत्पाद, इलेट्रानिक्स सामान की मुख्य खरीदारी मध्यम तबका ही प्रमुख खरीदार होता है। लेकिन इस निर्णय के बाद देखा गया कि यह तबका सर्वाधिक प्रभावित हुआ और उसके पास सबसे अधिक नगदी की समस्या खड़ी हुई जिससे व्यापारी वर्ग को भारी नुकसान उठाया पड़ा है। कंप्यूटर उत्पाद विक्रेता प्रमोद कुमार पांडेय ने बताया कि बीते 10 दिन से खरीदारी शून्य है। इस क्षेत्र में उधारी की भी व्यवस्था नहीं है। कहा कि यह निर्णय और बेहतर होता यदि नगदी की व्यवस्था बेहतर ढंग से की गई होती।
इस निर्णय से सीमेट और सरिया व्यवसाय भी धड़ाम से गिरा है। व्यवसाइयों को इस बात का भय है कि ऐसा कब तक चलेगा पता नहीं। बालू-गिट्टी व्यवसाई हाजी इरशाद खां ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सबकी जेब खाली कर दी है। जब सब्जी खरीदने के लिए जेब में 100 का नोट नहीं है तो बिल्डिंग मैटेरियल की बिक्री क्या होगी। कहा कि अभी भी एटीएम पर भारी भीड़ लग रही है जिसमें सुधार करना जरूरी हो गया है। इलेक्ट्रानिक्स उत्पाद शोरूम विक्रेता गया प्रजापति ने कहा कि उनके यहां स्वाइप मशीन से भुगतान की व्यवस्था तो है लेकिन खाते में जब धन ही नहीं है तो कैसे भुगतान होगा? कुल मिलाकर जब तक बाजार में भरपूर नगदी की व्यवस्था नहीं हो जाती तब तक यह समस्या बनी रहेगी।
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कालीन उद्यमियों से लेकर इलेट्रानिक्स उत्पादकों को इस निर्णय से भारी दुश्वारी झेलनी पड़ी है। बाजार में साग सब्जी से लेकर सीमेंट, कंप्यूटर उत्पाद, इलेट्रानिक्स सामान की मुख्य खरीदारी मध्यम तबका ही प्रमुख खरीदार होता है। लेकिन इस निर्णय के बाद देखा गया कि यह तबका सर्वाधिक प्रभावित हुआ और उसके पास सबसे अधिक नगदी की समस्या खड़ी हुई जिससे व्यापारी वर्ग को भारी नुकसान उठाया पड़ा है। कंप्यूटर उत्पाद विक्रेता प्रमोद कुमार पांडेय ने बताया कि बीते 10 दिन से खरीदारी शून्य है। इस क्षेत्र में उधारी की भी व्यवस्था नहीं है। कहा कि यह निर्णय और बेहतर होता यदि नगदी की व्यवस्था बेहतर ढंग से की गई होती।
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इस निर्णय से सीमेट और सरिया व्यवसाय भी धड़ाम से गिरा है। व्यवसाइयों को इस बात का भय है कि ऐसा कब तक चलेगा पता नहीं। बालू-गिट्टी व्यवसाई हाजी इरशाद खां ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सबकी जेब खाली कर दी है। जब सब्जी खरीदने के लिए जेब में 100 का नोट नहीं है तो बिल्डिंग मैटेरियल की बिक्री क्या होगी। कहा कि अभी भी एटीएम पर भारी भीड़ लग रही है जिसमें सुधार करना जरूरी हो गया है। इलेक्ट्रानिक्स उत्पाद शोरूम विक्रेता गया प्रजापति ने कहा कि उनके यहां स्वाइप मशीन से भुगतान की व्यवस्था तो है लेकिन खाते में जब धन ही नहीं है तो कैसे भुगतान होगा? कुल मिलाकर जब तक बाजार में भरपूर नगदी की व्यवस्था नहीं हो जाती तब तक यह समस्या बनी रहेगी।
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