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जनपद में कालीन निर्यात की संभावनाएं

Tue, 19 Jul 2022 12:00 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 19 Jul 2022 12:00 AM IST
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Carpet export prospects in the district
भदोही। वर्ष 2021-22 में जनपद से 4028 करोड़ का कालीन निर्यात हुआ था। इसे वर्ष 2026-27 तक 8050 करोड़ किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में संभावनाओं को तलाशने के लिए सोमवार को मर्यादपट्टी स्थित एकमा के कालीन भवन में संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि कालीन उद्यमी अपनी तकनीकी दक्षता बढ़ाएं। जिन देशों से निर्यात घटा हो उसकी समीक्षा करें और कमियों को दूर कर जनपद के निर्यात को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं।
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जिलाधिकारी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि अगले पांच वर्षों में निर्यात का जो लक्ष्य 8050 करोड़ है, उसे हम 10 हजार करोड़ तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि आप लोगों की ओर से जिन समस्याओं की ओर ध्यानाकृष्ट कराया जाएगा उन्हें वह पूरा करने के लिए संकल्पित हैं। इसके पूर्व महानिदेशक विदेश व्यापार अमित कुमार ने अगले पांच वर्षों में कालीन निर्यात वर्तमान से दोगुना करने की योजना को प्रोजेक्टर के माध्यम से सामने रखा। बताया कि भदोही के लोगों की निर्भरता अमरीका पर बढ़ी है। इसलिए दूसरे देशों में व्यापार बढ़ाने के बारे में सोचना चाहिए। कहा विश्व में तमाम छोटे-छोटे देश हैं, वहां पहुंच बढ़ाने के लिए काम करना चाहिए।
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पूर्व एकमाध्यक्ष रवि पाटोदिया ने कहा कि हम पर जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ रहा है और जो सौगातें हमें मिलती थीं वह कम होती जा रही हैं। कहा कि सरकार हमारी ढांचागत समस्याएं दूर कर दे तो निश्चित रूप से हम कोई भी लक्ष्य प्राप्त कर लेंगे। एकमा के पूर्व मानद सचिव अरशद वजीरी ने कहा कि सभी लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं लेकिन समस्या निस्तारण प्रक्रिया त्वरित करनी होगी। काती व्यवसायी जेएस जैन ने कहा कि वर्तमान में भारी मात्रा में ऊनी धागा राजस्थान से आ रहा है जो यहां पहुंचते पहुंचते 5 प्रतिशत तक महंगा हो जाता है। ऐसे में हमें यहां धागा उत्पादन इकाई स्थापित करने के लिए भूमि दी जाए। उन्होंने बिजली को भी एक बड़ी समस्या बताई। बैठक की अध्यक्षता एकमा अध्यक्ष मो.रजा खां ने और संचालन आलोक श्रीवास्तव ने किया। जीआई विशेषज्ञ डा. रजनीकांत, सीईपीसी अधिशासी निदेशक डॉ. स्मिता नागरकोटी, यादवेंद्र राय, असलम महबूब, अनिल कुमार सिंह ने विचार व्यक्त किए जबकि गुलामन अंसारी, शिवसागर तिवारी, जयप्रकाश गुप्ता, उमेश गुप्ता, हाजी शौकत अली, शमीम अंसारी, अख्तर अली अंसारी, रोहित गुप्ता, इम्तीयाज अंसारी, श्रीराम मौर्य, शमीम अंसारी, आलोक बरनवाल, परवेज आलम, हाजी अब्दुल सत्तार, प्रेम पुरोहित, फिरोज सिद्दीकी, सरफराज अहमद, ओजैर महमूद आदि मौजूद रहे।
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