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परीक्षार्थी लगा रहे नंबर, नेटवर्क से बाहर होने का मिल रहा संदेश

Sat, 05 Mar 2022 12:58 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 05 Mar 2022 12:58 AM IST
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Candidates are putting numbers, getting message of being out of network
आपने जो नंबर लगाया है, वह अभी मौजूद नहीं है, यह नंबर नेटवर्क क्षेत्र से बाहर है..., जी हां, बोर्ड परीक्षार्थियों की सहूलियत के लिए बने हेल्प डेस्क के कुछ शिक्षकों के मोबाइल पर फोन लगाने पर यही जवाब मिल रहा है। ऐसे में 15 से 20 दिनों में महत्वपूर्ण कोर्स का पूर्वाभ्यास हो पाना छात्र-छात्राओं के लिए चुनौती बन गया है।
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कोविड-19 के कारण वर्ष 2021 की बोर्ड परीक्षा नहीं हो सकी थी। इस बार होने वाली बोर्ड परीक्षा विधानसभा चुनाव के कारण 15 मार्च के बाद ही संभावित है। हालांकि अभी तिथि की घोषणा नहीं हुई है। कोरोना की दूसरी और तीसरी लहर के कारण माध्यमिक शिक्षण संस्थानों का संचालन पूर्व के वर्षों की तरह नहीं हो सका है। इसके चलते विज्ञान, अंग्रेजी और गणित जैसे महत्वपूर्ण विषयों के कोर्स कई विद्यालयों में पूरे नहीं हो सके हैं। अब परीक्षा नजदीक आने पर छात्र-छात्राओं की चिंता बढ़ गई है। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कोचिंग कर परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राएं परेशान हैं। प्री-बोर्ड और अन्य कक्षाओं के वार्षिक परीक्षा के अंक परिषद की वेबसाइट पर अपलोड होने हैं। विधानसभा चुनाव के चलते ज्यादातर विद्यालयों के शिक्षक चुनाव ड्यूटी में लगे हैं। इससे भी पठन-पाठन सुचारु ढंग से नहीं हो पाया है। हालांकि विद्यालयों का संचालन शुरू होने के बाद से कोर्स पूरा करने में लोग तेजी से जुटे हैं। समय कम होने के कारण सही ढंग से पढ़ने और समझने का मौका नहीं मिल पा रहा है। छुट्टियों के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही थी, लेकिन गांव में ऑनलाइन पढ़ाई करने में असुविधा के चलते परीक्षा की तैयारी सही तरीके से नहीं हो पाई है। एक सप्ताह पूर्व शासन ने छात्र-छात्राओं की सहूलियत के लिए हेल्प डेस्क बनाने का निर्देश दिया था। जिले के तीनों तहसीलों में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 16-16 शिक्षकों का पैनल बनाकर हेल्प डेस्क तो बना दिया गया, लेकिन अब छात्र-छात्राओं की उम्मीदों पर मोबाइल के मैसेज के कारण पानी फिरता जा रहा है। विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट के छात्र अनुज सरोज ने कहा कि हेल्प डेस्क का लाभ नहीं मिल रहा है। शिक्षकों के नंबर नेटवर्क से बाहर बताते हैं। छह महीने से कोचिंग कर रहा हूं। हाईस्कूल के छात्र श्याम यादव भी कोचिंग के सहारे परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं। अधिकांश छात्र-छात्राओं की यही स्थिति है। डीआईओएस एनएल गुप्ता का कहना है कि परीक्षार्थियों की सहूलियत के लिए हेल्प डेस्क की सुविधा दी गई है। इसके लिए तहसील स्तर पर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के कुल 48 शिक्षक लगाए गए हैं, जो विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं को शांत करेंगे। कभी-कभार नेटवर्क की समस्या हो सकती है।
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