प्रेरणा पोर्टल पर परिवार सर्वेक्षण में जिले को सूबे में तीसरी रैंक मिली है। पूर्वांचल में वाराणसी और भदोही ही टॉप फाइव में जगह बना सके हैं जबकि अन्य जिले टॉप-20 में भी शामिल नहीं है। शिक्षक, अनुदेशक व शिक्षामित्रों की मेहनत से स्कूल न आने वाले बच्चों, प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों समेत अन्य फीडिंग में प्रगति 94.5 फीसदी है। इसकी बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सराहना की।
2021 की जनगणना भले ही शुरू नहीं हो सकी लेकिन प्रदेश सरकार शिक्षकों से कराए जा रहे परिवार सर्वेक्षण के जरिये प्रत्येक परिवार का डाटा जुटाना शुरू कर दिया है। सर्वे के जरिये प्रदेश में सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग की आबादी के साथ आर्थिक व शैक्षिक स्थिति का आकलन भी होगा। सर्वे में प्रेरणा पोर्टल पर ऐसे बच्चों को भी चिह्नित किया जा रहा है, जिनका परिषदीय विद्यालयों में नामांकन नहीं है। 14,156 बच्चों में से 4,417 बच्चे यूडायस पर नामांकित मिले। 8,471 बच्चों का सर्वे पूर्ण किया गया। इसी तरह चार हजार के करीब बच्चे निजी शिक्षण संस्थानों में पढ़ते पाए गए। परिवार सर्वेक्षण के मामले में पीलीभीत को 96.9 फीसदी अंक के साथ पहली और वाराणसी को 95.9 फीसदी अंक के साथ दूसरी रैंक मिली है। वाराणसी और भदोही को छोड़कर पूर्वांचल का कोई भी जनपद टॉप-20 में शामिल नहीं है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि शिक्षकों की मेहनत से जिले को बेहतर स्थान मिला है।