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सुर-श्रद्धांजलि में कलाकारों ने जीता श्रोताओं का मनका आरोप
ब्यूरो ज्ञानपुर अमर उजाला
Updated Thu, 11 Dec 2014 01:53 AM IST
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समारोह में अपने संगीत और भजन से कलाकारों ने श्रोताओं का दिल जीत लिया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि दादा ने भदोही में संगीत और साहित्य के प्रसार में महान भूमिका अदा की।
कार्यक्रम का शुभारंभ बनारस से पधारे विशिष्ट कलाकार अशोक झा ने की। उन्होंने अपने भजनों और गणेश वंदना से श्रोताओं का मन मोह लिया। तबले पर पं.नंदकिशोर मिश्र एवं सारंगी पर पं.संतोष मिश्र ने संगत की।
वरिष्ठ शहनाई वादक जवाहर लाल एवं साथी राग मारू विहाग में अलाप एवं मध्यलय तीन ताल में बंदिशें सुनाकर ठंडे मौसम में श्रोताओं को बांधे रखने का काम किया।
कार्यक्रम की अंतिम कड़ी बनारस से पधारीं सुश्री सुचरिता गुप्ता ने कौने गली गए श्याम राग खमाज में प्रस्तुत कर संगीत की ऊंचाईयों एवं अन्य भावों को तरासा। साथ में तबले पर संगत श्री ललित कुमार एवं संतोष मिश्र ने सारंगी पर मधुरता बनाए रखा।
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आधी रात के बाद तक चले कार्यक्रम का समापन डा.अरुण सिंह, पूर्व प्राचार्य टीडी कालेज जौनपुर ने किया। उन्होंने कहा कि दादा संगीत प्रेमी थे। उन्होंने भदोही के लोगों में संगीत और साहित्य के प्रति लगाव पैदा किया। संचालन रामेश्वर राय ने किया।
इस मौके पर डा.अनुराग मिश्र, इकबाल सिंह, राम नारायण सिंह, कोतवाली प्रभारी एपी मिश्र, गोपाल प्रधान, पद्माकर शर्मा, कन्हैया मिश्र, विकास यादव एडवोकेट, शशिभूषण वर्मा, रामसजीवन, रवींद्र मिश्र, मुन्ना राय, विपुलेंद्र प्रताप सिंह, दीप नारायण भारती, कमलाशंकर भारती, शेरू खां आदि मौजूद रहे जबकि जगदीश सिंह, रवींद्र कुमार, पी.कुमार, फूलचंद, शिवचरण, कड़ेदीन आदि का व्यापक सहयोग रहा।
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कार्यक्रम का शुभारंभ बनारस से पधारे विशिष्ट कलाकार अशोक झा ने की। उन्होंने अपने भजनों और गणेश वंदना से श्रोताओं का मन मोह लिया। तबले पर पं.नंदकिशोर मिश्र एवं सारंगी पर पं.संतोष मिश्र ने संगत की।
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वरिष्ठ शहनाई वादक जवाहर लाल एवं साथी राग मारू विहाग में अलाप एवं मध्यलय तीन ताल में बंदिशें सुनाकर ठंडे मौसम में श्रोताओं को बांधे रखने का काम किया।
कार्यक्रम की अंतिम कड़ी बनारस से पधारीं सुश्री सुचरिता गुप्ता ने कौने गली गए श्याम राग खमाज में प्रस्तुत कर संगीत की ऊंचाईयों एवं अन्य भावों को तरासा। साथ में तबले पर संगत श्री ललित कुमार एवं संतोष मिश्र ने सारंगी पर मधुरता बनाए रखा।
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आधी रात के बाद तक चले कार्यक्रम का समापन डा.अरुण सिंह, पूर्व प्राचार्य टीडी कालेज जौनपुर ने किया। उन्होंने कहा कि दादा संगीत प्रेमी थे। उन्होंने भदोही के लोगों में संगीत और साहित्य के प्रति लगाव पैदा किया। संचालन रामेश्वर राय ने किया।
इस मौके पर डा.अनुराग मिश्र, इकबाल सिंह, राम नारायण सिंह, कोतवाली प्रभारी एपी मिश्र, गोपाल प्रधान, पद्माकर शर्मा, कन्हैया मिश्र, विकास यादव एडवोकेट, शशिभूषण वर्मा, रामसजीवन, रवींद्र मिश्र, मुन्ना राय, विपुलेंद्र प्रताप सिंह, दीप नारायण भारती, कमलाशंकर भारती, शेरू खां आदि मौजूद रहे जबकि जगदीश सिंह, रवींद्र कुमार, पी.कुमार, फूलचंद, शिवचरण, कड़ेदीन आदि का व्यापक सहयोग रहा।