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हल्दी लगाएं, कमाएं मोटा मुनाफा
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ज्ञानपुर। औषधीय खेती कर किसान अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं। उद्यान विभाग की ओर से पहली बार किसानों को अनुदानित बीज उपलब्ध कराया जाएगा। हल्दी के बीज पर किसानों को 40 फीसदी तक अनुदान दिया जाएगा। जुलाई तक बीज की रोपाई भी शुरू हो जाएगी।
धान, गेहूं, बाजरा को छोड़ कर अब किसान औषधीय फसलों और नई-नई खेती शुरू कर चुके हैं। कोई मिर्च तो कोई टमाटर की खेती कर अच्छी कमाई कर लोगों के लिए नजीर बन गया है। कृषि, उद्यान विभाग की ओर से ऐसे किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए योजनाओं का लाभ दिया जाता है। उद्यान विभाग की ओर से इस सीजन में हल्दी की खेती के लिए अनुदानित बीज दिया जा रहा है। 10 हेक्टेयर में इसकी बुआई का लक्ष्य रखा गया है। जिला उद्यान विभाग अधिकारी सुनील तिवारी ने कहा कि हल्दी लगाने की योजना जिले में पहली बार लागू की गई है। किसान भाई इसकी खेती कर मोटा मुनाफा कमा सकते हैं। इसमें किसानों को 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। प्रति हेक्टेयर पर 30 हजार खर्च कर किसान एक से डेढ़ लाख तक कमा सकेंगे। बारिश का मौसम हल्दी लगाने के लिए बेहद लाभकारी होता है। उन्होंने कहा कि हल्दी मसाले की फसल के साथ-साथ औषधीय फसल भी है। सब्जियों को पकाते समय मनभावन पीला रंग देने और स्वाद बढ़ाने के लिए प्राचीन काल से हल्दी का उपयोग होता आया है। आयुर्वेद में हल्दी को शीघ्र घाव भरने वाली, खांसी व श्वांस रोगों, चोट लगने पर दूध में मिला कर पीने जैसे रूपों में औषधि के रूप में मानी जाती है। हल्दी कीट और कृमिनाशक भी है।
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धान, गेहूं, बाजरा को छोड़ कर अब किसान औषधीय फसलों और नई-नई खेती शुरू कर चुके हैं। कोई मिर्च तो कोई टमाटर की खेती कर अच्छी कमाई कर लोगों के लिए नजीर बन गया है। कृषि, उद्यान विभाग की ओर से ऐसे किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए योजनाओं का लाभ दिया जाता है। उद्यान विभाग की ओर से इस सीजन में हल्दी की खेती के लिए अनुदानित बीज दिया जा रहा है। 10 हेक्टेयर में इसकी बुआई का लक्ष्य रखा गया है। जिला उद्यान विभाग अधिकारी सुनील तिवारी ने कहा कि हल्दी लगाने की योजना जिले में पहली बार लागू की गई है। किसान भाई इसकी खेती कर मोटा मुनाफा कमा सकते हैं। इसमें किसानों को 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। प्रति हेक्टेयर पर 30 हजार खर्च कर किसान एक से डेढ़ लाख तक कमा सकेंगे। बारिश का मौसम हल्दी लगाने के लिए बेहद लाभकारी होता है। उन्होंने कहा कि हल्दी मसाले की फसल के साथ-साथ औषधीय फसल भी है। सब्जियों को पकाते समय मनभावन पीला रंग देने और स्वाद बढ़ाने के लिए प्राचीन काल से हल्दी का उपयोग होता आया है। आयुर्वेद में हल्दी को शीघ्र घाव भरने वाली, खांसी व श्वांस रोगों, चोट लगने पर दूध में मिला कर पीने जैसे रूपों में औषधि के रूप में मानी जाती है। हल्दी कीट और कृमिनाशक भी है।
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