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आईजीआरएस:16 अफसरों से मांगा स्पष्टीकरण
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ज्ञानपुर। शासन और प्रशासन की सख्ती के बाद भी आईजीआरएस निस्तारण में लापरवाही बरती जा रही है। ब्लॉक और विकास भवन के 90 फीसदी शिकायतों का निस्तारण न होने पर सीडीओ विवेक त्रिपाठी ने परियोजना निदेशक समेत 16 अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। सबको दो दिन में लंबित शिकायतों के निस्तारण करने का अल्टीमेटम दिया गया है। कहा कि ऐसा नहीं होने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
संपूर्ण समाधान दिवस और समाधान दिवस में लोगों को न्याय नहीं मिलने पर सरकार ने आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से आनलाइन शिकायत की सुविधा दी है, जिसकी समय-समय पर मुख्यमंत्री खुद ही मानीटरिंग करते हैं। शासन की सख्ती के बाद भी जिले के सरकारी विभाग निस्तारण को लेकर गंभीर नहीं हैं।
आलम यह है कि विकास भवन और ब्लॉक में आईं 661 शिकायतों में केवल 96 का निस्तारण हुआ और 566 मामले लंबित रह गए। विभागों की उदासीनता को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी विवेक त्रिपाठी ने परियोजना निदेशक, जिला विकास अधिकारी, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार, जिला पंचायत राज अधिकारी, बीडीओ सुरियावां, डीघ, ज्ञानपुर, भदोही, औराई और अभोली के साथ ही सहायक विकास अधिकारी पंचायत अभोली, डीघ, ज्ञानपुर, सुरियावां, भदोही, औराई को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। निस्तारण में सबसे खराब स्थिति जिला पंचायत राज विभाग, बीडीओ औराई की है। दोनों की ओर से केवल दो-तीन मामले ही निस्तारित किए गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस निस्तारण शासन की प्राथमिकता में शामिल है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 16 अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। दो दिन के अंदर सभी लंबित मामलों का निस्तारण करने का निर्देश दिया गया है।
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संपूर्ण समाधान दिवस और समाधान दिवस में लोगों को न्याय नहीं मिलने पर सरकार ने आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से आनलाइन शिकायत की सुविधा दी है, जिसकी समय-समय पर मुख्यमंत्री खुद ही मानीटरिंग करते हैं। शासन की सख्ती के बाद भी जिले के सरकारी विभाग निस्तारण को लेकर गंभीर नहीं हैं।
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आलम यह है कि विकास भवन और ब्लॉक में आईं 661 शिकायतों में केवल 96 का निस्तारण हुआ और 566 मामले लंबित रह गए। विभागों की उदासीनता को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी विवेक त्रिपाठी ने परियोजना निदेशक, जिला विकास अधिकारी, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार, जिला पंचायत राज अधिकारी, बीडीओ सुरियावां, डीघ, ज्ञानपुर, भदोही, औराई और अभोली के साथ ही सहायक विकास अधिकारी पंचायत अभोली, डीघ, ज्ञानपुर, सुरियावां, भदोही, औराई को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। निस्तारण में सबसे खराब स्थिति जिला पंचायत राज विभाग, बीडीओ औराई की है। दोनों की ओर से केवल दो-तीन मामले ही निस्तारित किए गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस निस्तारण शासन की प्राथमिकता में शामिल है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 16 अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। दो दिन के अंदर सभी लंबित मामलों का निस्तारण करने का निर्देश दिया गया है।
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