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लखनऊ में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज पर गुस्सा
Bhadohi
Updated Fri, 27 Sep 2013 05:37 AM IST
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ज्ञानपुर। लखनऊ में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में बृहस्पतिवार को केएनपीजी के छात्रनेताओं के तेवर तल्ख हो गए। छात्रनेताओं ने नाराजगी जताते हुए स्नातक प्रथम वर्ष में चल रहा प्रवेश कार्य बंद करा दिया और कक्षाएं भी नहीं चलने दीं। साथ ही परिसर में प्रदर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। इस दौरान छात्रनेताओं ने लिंगदोह समिति की सिफारिशों में भी संशोधन करने और प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने की मांग की।
छात्रनेताओं ने बृहस्पतिवार को कॉलेज में पहुंचकर नारेबाजी करते हुए विभिन्न विभागों में चल रहे प्रवेश कार्य को बंद करा दिया। इसके बाद राजनीति शास्त्र, अर्थशास्त्र समेत कई विभागों में चल रहीं कक्षाएं भी बंद करा दी। कहा कि छात्रों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार की ओर किसी का ध्यान नहीं है। इसके बाद कॉलेज परिसर में जुटे छात्रनेताओं ने कहा कि छात्र युवा संघर्ष मोर्चा के बैनर तले अपनी मांगों लेकर छात्र शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन, प्रदेश सरकार को छात्रों की शांति भी रास नहीं आई। उन पर लाठीचार्ज कर दिया गया। इससे जिले से प्रदर्शन में शामिल होने गए मोर्चा के संयोजक सुरेश तिवारी, शिवम शुक्ला और मनीष पांडेय को चोटें आईं। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार छात्रों का हितैषी होने का दावा करती है, लेकिन जब उनके हित का निर्णय लेना होता है तो तानाशाही रवैए का परिचय देती है।
चेतावनी दी कि शासन की ओर से छात्रों की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वे आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे। इस मौके पर छात्रसंघ अध्यक्ष राजेंद्र पाल बघेल, छात्रनेता कपिलदेव पांडेय, मुकेश तिवारी, रोहित राय सहित अन्य छात्र रहे।
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छात्रनेताओं ने बृहस्पतिवार को कॉलेज में पहुंचकर नारेबाजी करते हुए विभिन्न विभागों में चल रहे प्रवेश कार्य को बंद करा दिया। इसके बाद राजनीति शास्त्र, अर्थशास्त्र समेत कई विभागों में चल रहीं कक्षाएं भी बंद करा दी। कहा कि छात्रों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार की ओर किसी का ध्यान नहीं है। इसके बाद कॉलेज परिसर में जुटे छात्रनेताओं ने कहा कि छात्र युवा संघर्ष मोर्चा के बैनर तले अपनी मांगों लेकर छात्र शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन, प्रदेश सरकार को छात्रों की शांति भी रास नहीं आई। उन पर लाठीचार्ज कर दिया गया। इससे जिले से प्रदर्शन में शामिल होने गए मोर्चा के संयोजक सुरेश तिवारी, शिवम शुक्ला और मनीष पांडेय को चोटें आईं। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार छात्रों का हितैषी होने का दावा करती है, लेकिन जब उनके हित का निर्णय लेना होता है तो तानाशाही रवैए का परिचय देती है।
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चेतावनी दी कि शासन की ओर से छात्रों की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वे आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे। इस मौके पर छात्रसंघ अध्यक्ष राजेंद्र पाल बघेल, छात्रनेता कपिलदेव पांडेय, मुकेश तिवारी, रोहित राय सहित अन्य छात्र रहे।
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