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बेहफईया मेला: खिलौनों और गृहस्थी के सामान की खूब हुई खरीदारी
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सुरियावां नगर के बेहफईया मेला में जुटी भीड़। संवाद
- फोटो : 1
भाईचारे का प्रतीक सुरियावां नगर का ऐतिहासिक बेहफईया मेला बृहस्पतिवार को सकुशल संपन्न हुआ। सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही और पुलिस टीम लगातार गश्त करती रही। मेले में बच्चों ने खिलौनों की जमकर खरीदारी की और झूलों का आनंद लिया। महिलाओं ने गृहस्थी के सामान खरीदे, जबकि किशोर-किशोरियों ने चाट-पकौड़े का स्वाद लिया। यह मेला साहुआईन तालाब के तट पर हजरत शहीद बाबा के उर्स के अवसर पर हर साल लगता है।
मेले में अकीदतमंदों की भारी भीड़ रही। बाबा के आस्ताने पर चादरपोशी और मन्नतें मांगने का दौर चलता रहा। अटल चौराहा से गल्लामंडी, लाई बाजार और साहुआईन तालाब तक भीड़ रही। मौसम साफ होने से दुकानदारों में भी उत्साह रहा। मेले में खिलौने, झूले, चाट, जलेबी सहित अन्य व्यंजनों की दुकानें सजी थीं।
मेले में कंट्रोल रूम बनाया गया था। सुरक्षा को लेकर पुलिसकर्मी लगातार गश्त करते रहे। रात में पारंपरिक लोककला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए बिरहा मुकाबला और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जो देर रात तक चलता रहा।
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भोरी-महजूदा गांव के ऐतिहासिक कजरी मेले के बाद पड़ने वाले बृहस्पतिवार को बेहफईया मेला लगता है। आपसी भाईचारे और लोक परंपरा का प्रतीक यह मेला दशकों पुराना है। व्यापार मंडल की ओर से आयोजित मंच पर मुख्य अतिथि ज्ञानपुर के चेयरमैन घनश्याम गुप्ता के साथ प्रकाश त्रिपाठी, जटा शंकर मौर्य, शेषधर गुप्ता, अवधेश कुमार उमर वैश्य, नंदलाल गुप्ता, अश्वनी साहू, रवि जायसवाल, मानस जायसवाल, लोकेश सेठ, मो. इजराइल, अब्दुल रऊफ हाशमी, रामराज विश्वकर्मा, सूरजभान, डॉ. धर्मेंद्र प्रजापति, मुकेश, सुरेश, मदन आदि मौजूद रहे।
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मेले में अकीदतमंदों की भारी भीड़ रही। बाबा के आस्ताने पर चादरपोशी और मन्नतें मांगने का दौर चलता रहा। अटल चौराहा से गल्लामंडी, लाई बाजार और साहुआईन तालाब तक भीड़ रही। मौसम साफ होने से दुकानदारों में भी उत्साह रहा। मेले में खिलौने, झूले, चाट, जलेबी सहित अन्य व्यंजनों की दुकानें सजी थीं।
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मेले में कंट्रोल रूम बनाया गया था। सुरक्षा को लेकर पुलिसकर्मी लगातार गश्त करते रहे। रात में पारंपरिक लोककला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए बिरहा मुकाबला और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जो देर रात तक चलता रहा।
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भोरी-महजूदा गांव के ऐतिहासिक कजरी मेले के बाद पड़ने वाले बृहस्पतिवार को बेहफईया मेला लगता है। आपसी भाईचारे और लोक परंपरा का प्रतीक यह मेला दशकों पुराना है। व्यापार मंडल की ओर से आयोजित मंच पर मुख्य अतिथि ज्ञानपुर के चेयरमैन घनश्याम गुप्ता के साथ प्रकाश त्रिपाठी, जटा शंकर मौर्य, शेषधर गुप्ता, अवधेश कुमार उमर वैश्य, नंदलाल गुप्ता, अश्वनी साहू, रवि जायसवाल, मानस जायसवाल, लोकेश सेठ, मो. इजराइल, अब्दुल रऊफ हाशमी, रामराज विश्वकर्मा, सूरजभान, डॉ. धर्मेंद्र प्रजापति, मुकेश, सुरेश, मदन आदि मौजूद रहे।