{"_id":"5a19bfa74f1c1b95188b63ee","slug":"81511636903-bhadohi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेमरा के पूर्व प्रधान के खिलाफ गैर जमानती वारंट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेमरा के पूर्व प्रधान के खिलाफ गैर जमानती वारंट
Updated Sun, 26 Nov 2017 12:42 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्ञानपुर (भदोही)।
14 लोगों को फर्जी तरीके से पट्टा आवंटन के मामले में अभोली विकास खंड के सेमरा हरिकरनपुर गांव के पूर्व प्रधान मेवालाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो गया है। पुलिस के 100 पन्ने की चार्जशीट के बाद जेएम प्रथम की अदालत ने एनबीडब्ल्यू जारी किया। इसमें प्रशासनिक अफसरों को गवाह बनाया गया है। वारंट जारी होने के बाद गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने दबिश देना शुरू कर दिया है।
अभोली विकास खंड के सेमरा गांव के तत्कालीन ग्राम प्रधान मेवालाल ने 1996 में गांव के 14 लोगों को तालाब की जमीन पर गलत तरीके से पट्टे का आवंटन कर दिया था। गांव के वंशराज पुत्र जयनाथ आदि ने जिलाधिकारी से जनता दर्शन में शिकायत की। डीएम ने इस मामले की जांच एसडीएम भदोही को सौंपी। जांच में पट्टे का आवंटन फर्जी मिला। तहसीलदार की जांच रिपोर्ट के बाद एसडीएम भदोही आशीष कुमार ने आवंटन को निरस्त कर भूमि को तालाब की जमीन में अंकित करने का निर्देश दिया। जालसाजी के मामले में राजस्व विभाग की संस्तुति पर पूर्व प्रधान मेवालाल के खिलाफ दुर्गागंज थाने में जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया गया। इस प्रकरण में पखवारे भर पूर्व दुर्गागंज पुलिस ने 100 पन्ने की चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत किया। जेएम प्रथम पवन सिंह की अदालत ने चार्जशीट के आधार पर पूर्व प्रधान के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। पुलिस ने अपनी चार्जशीट में एसडीएम भदोही और तहसीलदार को भी गवाह बनाया है। वारंट जारी होने के बाद दुर्गागंज पुलिस सक्रिय हो गई है। दो दिन पूर्व पुलिस सेमरा के पूर्व प्रधान की गिरफ्तारी के लिए दबिश भी दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। माना जा रहा है कि निकाय चुनाव के बाद पुलिस और भी सक्रिय तरीके से कार्रवाई में जुट जाएगी।
विज्ञापन
14 लोगों को फर्जी तरीके से पट्टा आवंटन के मामले में अभोली विकास खंड के सेमरा हरिकरनपुर गांव के पूर्व प्रधान मेवालाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो गया है। पुलिस के 100 पन्ने की चार्जशीट के बाद जेएम प्रथम की अदालत ने एनबीडब्ल्यू जारी किया। इसमें प्रशासनिक अफसरों को गवाह बनाया गया है। वारंट जारी होने के बाद गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने दबिश देना शुरू कर दिया है।
अभोली विकास खंड के सेमरा गांव के तत्कालीन ग्राम प्रधान मेवालाल ने 1996 में गांव के 14 लोगों को तालाब की जमीन पर गलत तरीके से पट्टे का आवंटन कर दिया था। गांव के वंशराज पुत्र जयनाथ आदि ने जिलाधिकारी से जनता दर्शन में शिकायत की। डीएम ने इस मामले की जांच एसडीएम भदोही को सौंपी। जांच में पट्टे का आवंटन फर्जी मिला। तहसीलदार की जांच रिपोर्ट के बाद एसडीएम भदोही आशीष कुमार ने आवंटन को निरस्त कर भूमि को तालाब की जमीन में अंकित करने का निर्देश दिया। जालसाजी के मामले में राजस्व विभाग की संस्तुति पर पूर्व प्रधान मेवालाल के खिलाफ दुर्गागंज थाने में जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया गया। इस प्रकरण में पखवारे भर पूर्व दुर्गागंज पुलिस ने 100 पन्ने की चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत किया। जेएम प्रथम पवन सिंह की अदालत ने चार्जशीट के आधार पर पूर्व प्रधान के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। पुलिस ने अपनी चार्जशीट में एसडीएम भदोही और तहसीलदार को भी गवाह बनाया है। वारंट जारी होने के बाद दुर्गागंज पुलिस सक्रिय हो गई है। दो दिन पूर्व पुलिस सेमरा के पूर्व प्रधान की गिरफ्तारी के लिए दबिश भी दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। माना जा रहा है कि निकाय चुनाव के बाद पुलिस और भी सक्रिय तरीके से कार्रवाई में जुट जाएगी।
विज्ञापन