{"_id":"66773d0061f938a6e10209c7","slug":"8-medicines-being-sold-in-the-district-were-found-to-be-fake-their-sale-was-banned-bhadohi-news-c-191-1-svns1015-113402-2024-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: जिले में बिक रही 8 दवाइयां मिलीं नकली, बिकने पर रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: जिले में बिक रही 8 दवाइयां मिलीं नकली, बिकने पर रोक
विज्ञापन
ज्ञानपुर। जिलों के मेडिकल स्टोर से मिलने वाली सभी दवाएं सही नहीं है। इनमें कुछ नकली भी हैं। इनके सेवन से आप ठीक होने की अपेक्षा और बीमार हो सकते हैं। खाद्य एवं औषधि विभाग की तरफ से भेजे गए सैंपल में आठ दवाएं नकली मिली हैं। यह मानकों पर खरी नहीं उतरी हैं। जिला प्रशासन ने इन दवाओं की बिक्री पर रोक लगाते हुए कंपनियों पर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा है।
पिछले दिनों खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से मेडिकल स्टोर से दवाओं के 160 नमूने लिए गए। जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया। जिसमें आठ दवाएं नकली मिलीं। माना जा रहा कि यह ऐसी दवाएं हैं, जिन्हें डॉक्टरों ने हर मर्ज में उपयोगी बताते हुए लिखा। कारण इनमें ज्यादातर एंटीबायोटिक तो कुछ बुखार में भी काम आने वाली दवाएं हैं। जिला प्रशासन ने इन आठों दवाओं का पूर्णतया पाबंदी लगाते हुए इनकी कंपनियों पर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा है।
सीक्स ओ टेबलेट पूरी तरह से नकलीः
सेफीक्सामाइन और ओफ्लोक्सासीन कंबीनेशन से बनी सीक्स-ओ टेबलेट पूरी तरह से नकली मिली। जांच रिपोर्ट में इस दवा में कई दुष्प्रभाव मिले हैं। जैसे शरीर में खुजली, सांस की बीमारी को बढ़ने जैसे लक्षण मिले हैं। यह दवा एवरटच बायो रेमेडीस कोसी कोटवा कंपनी में बनी है। इसी तरह हिमाचल प्रदेश की चार, उत्तरखंड की तीन दवाएं हैं। जिन पर प्रतिबंध लगाया गया है। इन दवाओं का मूल्य भी अन्य दवाओं की तरह ही है। यानि सीक्स-ओ का 10 गोली का पत्ता 80 रुपये का है। इसी तरह अन्य दवाएं भी 100 रुपये की रेंज में बाजार में बिक रही हैं। डीएम ने प्रशासन को लिखे पत्र में कहा है कि इन पर आमजन के स्वास्थ्य की दृष्टि से भदोही ही नहीं प्रदेश में भी प्रतिबंध लगाने के साथ कंपनियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
इनसेट
इन 8 दवाओं पर लगा है प्रतिबंध
सीक्स-ओ टेबलेट, रेबीकार-एलएस कैप्सूल, मेटोप्रोलोल टेराट्रेट आइपी 50 एमजी टेबलेट है, राबेन-डीएसआर कैप्सूल, ग्लीमाक्स-सीवी 625 एमजी टेबलेट, विलपाड-200 टेबलेट, लीयोजिल सस्पेंशन 30 एमएल, मांटेलेक एलसी टेबलेट है।
विज्ञापन
पिछले दिनों खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से मेडिकल स्टोर से दवाओं के 160 नमूने लिए गए। जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया। जिसमें आठ दवाएं नकली मिलीं। माना जा रहा कि यह ऐसी दवाएं हैं, जिन्हें डॉक्टरों ने हर मर्ज में उपयोगी बताते हुए लिखा। कारण इनमें ज्यादातर एंटीबायोटिक तो कुछ बुखार में भी काम आने वाली दवाएं हैं। जिला प्रशासन ने इन आठों दवाओं का पूर्णतया पाबंदी लगाते हुए इनकी कंपनियों पर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा है।
विज्ञापन
सीक्स ओ टेबलेट पूरी तरह से नकलीः
सेफीक्सामाइन और ओफ्लोक्सासीन कंबीनेशन से बनी सीक्स-ओ टेबलेट पूरी तरह से नकली मिली। जांच रिपोर्ट में इस दवा में कई दुष्प्रभाव मिले हैं। जैसे शरीर में खुजली, सांस की बीमारी को बढ़ने जैसे लक्षण मिले हैं। यह दवा एवरटच बायो रेमेडीस कोसी कोटवा कंपनी में बनी है। इसी तरह हिमाचल प्रदेश की चार, उत्तरखंड की तीन दवाएं हैं। जिन पर प्रतिबंध लगाया गया है। इन दवाओं का मूल्य भी अन्य दवाओं की तरह ही है। यानि सीक्स-ओ का 10 गोली का पत्ता 80 रुपये का है। इसी तरह अन्य दवाएं भी 100 रुपये की रेंज में बाजार में बिक रही हैं। डीएम ने प्रशासन को लिखे पत्र में कहा है कि इन पर आमजन के स्वास्थ्य की दृष्टि से भदोही ही नहीं प्रदेश में भी प्रतिबंध लगाने के साथ कंपनियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
विज्ञापन
इनसेट
इन 8 दवाओं पर लगा है प्रतिबंध
सीक्स-ओ टेबलेट, रेबीकार-एलएस कैप्सूल, मेटोप्रोलोल टेराट्रेट आइपी 50 एमजी टेबलेट है, राबेन-डीएसआर कैप्सूल, ग्लीमाक्स-सीवी 625 एमजी टेबलेट, विलपाड-200 टेबलेट, लीयोजिल सस्पेंशन 30 एमएल, मांटेलेक एलसी टेबलेट है।