{"_id":"5c460ca1bdec22738e36a106","slug":"71548094625-bhadohi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पौष पूर्णिमा पर लगी आस्था की डुबकी, संकीर्तन शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पौष पूर्णिमा पर लगी आस्था की डुबकी, संकीर्तन शुरू
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जंगीगंज। सेमराध के कल्पवास समेत विभिन्न गंगा घाटों पर सोमवार को दूसरे स्नान पर्व पौष पुर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। इसके बाद दान कर पुण्य कमाया। सेमराध में महीने भर चलने वाला संकीर्तन भी विधि विधान पूर्वक शुरू हुआ।
गोपीगंज के रामपुर घाट, सीतामढ़ी गंगा घाट पर भोर से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हुआ। गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर ईश्वर का धन्यवाद दिया। इसी तरह सेमराध कल्पवास मेले में भी कल्पवासी संग आसपास के गांव के लोगों ने स्नान कर बाबा सेमराधनाथ का दर्शन पूजन किया। वहीं दूसरी ओर कल्पवास में माह पर्यंत चलने चलने वाले सीता राम अखंड हरी कीर्तन का शुभारंभ आचार्य राम जी दुबे ने नेतृत्व में वेद मंत्रो के साथ यजमान के रूप में अमर बहादुर सिंह ने किया। अखंड श्री सीता राम संकीर्तन की गूूज से स्थानीय कल्पवास भक्तिमय हो गया है। कल्पवासियों संग आस पास के गांवो के श्रद्धालु इस संकीर्तन में प्रतिभाग करते है। इस मौके पर करुणा शंकर स्वामी, रामबली सिंह, राजेंद्र यादव, हीरामणि यादव, मनोज सिंह, रमाशंकर शुक्ल, सीताराम, आशुतोष तिवारी आदि रहे।
गोपीगंज के रामपुर घाट, सीतामढ़ी गंगा घाट पर भोर से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हुआ। गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर ईश्वर का धन्यवाद दिया। इसी तरह सेमराध कल्पवास मेले में भी कल्पवासी संग आसपास के गांव के लोगों ने स्नान कर बाबा सेमराधनाथ का दर्शन पूजन किया। वहीं दूसरी ओर कल्पवास में माह पर्यंत चलने चलने वाले सीता राम अखंड हरी कीर्तन का शुभारंभ आचार्य राम जी दुबे ने नेतृत्व में वेद मंत्रो के साथ यजमान के रूप में अमर बहादुर सिंह ने किया। अखंड श्री सीता राम संकीर्तन की गूूज से स्थानीय कल्पवास भक्तिमय हो गया है। कल्पवासियों संग आस पास के गांवो के श्रद्धालु इस संकीर्तन में प्रतिभाग करते है। इस मौके पर करुणा शंकर स्वामी, रामबली सिंह, राजेंद्र यादव, हीरामणि यादव, मनोज सिंह, रमाशंकर शुक्ल, सीताराम, आशुतोष तिवारी आदि रहे।
विज्ञापन