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जश्ने सैय्यदुल मुर्सलीन कांफ्रेंस
Updated Sat, 17 Nov 2018 10:23 PM IST
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भदोही। बाजार सरदार खां मोहल्ले में बीती रात जश्ने सैय्यदुल मुर्सलीन कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। वाराणसी के मौलाना गुलाम मोहियुद्दीन कादरी ने कहा कि कुरआन हमारी जिंदगी का आधार है। कुरआन जीने का सलीका बताती है। इसमे हर पहलू पर रोशनी डाली गई है। कहा गया कि इसलिए कुरआने पाक की तिलावत के साथ साथ उसे समझना भी जरूरी है।
मौलाना ने कहा कि जिंदगी के सभी मसायलों का हल कुरआन में है। कुरआन में इस्लाम के पांच स्तंभों की विस्तृत चर्चा है। जिसे हर मुसलमान को अपनाना चाहिए। बताया कि इनमे से पांच वक्त की नमाज बेहद अहम है। जो हमें बुराइयों से बचाती है। बताया कि अल्लाह ने हजरत मोहम्मद सल्ल. को इंसानियत के लिए रहमत बनाकर भेजा। उनके सदके में हमें पांच वक्त की नमाज मिली। नबी ने तमाम दु:ख झेले लेकिन इंसानियत का परचम हमेशा उठाए रखा और लोगों को उसी राह पर चलने की हिदायत दी।
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मौलाना फैसल अशर्फी ने कहा कि हमारे नबी की यौमे पैदाइश का मुबारक महीना चल रहा है। यह पूरा महीना बरकतों से भरा है। लोगों को चाहिए कि कसरत से दरुदो सलाम के साथ अल्लाह की इबादत करें। कांफ्रेंस में मुसलमामों की समाजिक हालात पर भी चर्चा हुई। मुसलमानों के बदतर हालात के लिए मुसलमानों को ही जिम्मेदार बताया गया। यह स्थिति दुनियां की चकाचौंध में खो जाने और सुन्नतों पर अमल न करने से हुआ है। पड़ोसी, मां-बाप, दोस्तों, रिश्तेदारों के हकोकुकूक पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कांफ्रेंस को मौ.अब्दुस्समद जेयाई ने भी खिताब किया। निजामत हाफिज आबिद ने तथा शायरे इस्लाम आजम रजा इफ्तेखारी, फारुख अली वाराणसी, तसौवर अली जौनपूरी ने नातेपाक पढ़ा।
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