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केंद्रीय वस्त्र मंत्री का आगमन आज स्पेशल स्टोरी
Updated Thu, 01 Nov 2018 11:58 PM IST
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भदोही। केंद्रीय वस्त्र मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी के भदोही आगमन को कालीननगरी के लिए शुभ संकेत के रूप में देखा जा रहा है। वर्तमान में कालीन कारोबार की चमक धीरे-धीरे धुंधली होती जा रही है। भदोही का कालीन निर्यात धीरे-धीरे घटता ही जा रहा है। देश के 10 हजार करोड़ के निर्यात में चूंकि कोई असर नहीं पड़ा, इसलिए अफसरों की निगाह में आज भी कालीन उद्योग में सब कुछ ठीक- ठाक चल रहा है। लेकिन केंद्रीय वस्त्र मंत्री के आगमन से जिले में टाउन आफ एक्सपोर्ट एक्सीलेंस घोषित करने को लेकर आकांक्षा जाग उठी है।
अखिल भारतीय कालीन निर्माता संघ (एकमा) के अनुसार देशभर के कालीन निर्यात की धूरी आज भी भदोही का कालीन उद्योग ही है। पहले विश्व के हस्तनिर्मित कालीनों की मांग अकेले भदोही और मिर्जापुर पूरा करते थे और आज यह हरियाणा, कश्मीर, राजस्थान जैसे राज्यों में परिपक्वता की ओर बढ़ रहा है। इसका मुख्य कारण है भदोही का ढांचागत पिछड़ापन। एकमा के उपाध्यक्ष हाजी अब्दुल हादी अंसारी कहते हैं कि भदोही वह शहर है, जहां महिलाएं अपने दम पर पुरुषों से कहीं अधिक कमा लेती थीं, लेकिन आज स्थितियां बदलती गई । एकमा के अध्यक्ष ओएन मिश्र ने कहा कि आज फिक्र करने वाला कोई नहीं है देश के निर्यात में भदोही जिले की 100 फीसदी हिस्सेदारी घटकर 60 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। यहां उत्पादित 25 प्रतिशत कालीन दूसरे राज्यों से निर्यात की जा रही हैं, जो प्रदेश के लिए चिंता का विषय है। अध्यक्ष ने केंद्रीय वस्त्र मंत्री के भदोही आगमन को यहां से बुनकरों, मजदूरों, महिला शिल्पकारों के लिए शुभ संकेत बताते हुए आशा जताई कि भविष्य में सरकार भदोही को टाउन आफ एक्सपोर्ट एक्सीलेंस की सूची में शामिल कर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।
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