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लापरवाही में 512 ग्राम पंचायतों के खाते पर लगी रोक
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ज्ञानपुर। 2019-20 में होने वाले विकास कार्यों की कार्ययोजना की फीडिंग में लापरवाही बरतने पर जिले की 512 ग्राम पंचायतों के प्रथम खाते पर जिला पंचायत राज विभाग की ओर से रोक लगा दी गई। उदासीन 103 सचिवों का वेतन भी रोक दिया गया। 28 फरवरी तक फीडिंग का कार्य पूर्ण करना था, लेकिन अब तक 561 ग्रामपंचायतों में केवल 49 ने ही फीडिंग कराई।
जिले की 561 ग्रामसभाओं में केंद्रीय और राज्य वित्त के पैसे से विकास कार्य कराया जाता है। प्रत्येक वित्तीय वर्ष के शुरू होने से पूर्व ही ग्राम पंचायतों की ओर से प्रस्ताव बनाकर उसकी फीडिंग कराई जाती है। सीएम कार्यालय की ओर से लगातार हो रही मानीटरिंग के बीच 2019-20 में होने वाली कार्ययोजना को पूर्ण कराकर ऑनलाइन फीडिंग 28 फरवरी तक करना था, लेकिन उसे पूरा नहीं किया गया। इसके पीछे ग्राम पंचायत अधिकारियों की उदासीनता सामने आई। उनका कहना है कि वे अगले वित्तीय वर्ष से कार्ययोजना बनाएंगे। डीएम ने मामले को संज्ञान में लेते हुए सख्ती बरतने के लिए कहा। कई बार चेतावनी पत्र जारी करने के बाद भी ग्राम पंचायत अधिकारियों और प्रधानों की ओर से उदासीनता बरती गई। इसको देखते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी बालेशधर द्विवेदी ने 512 ग्राम पंचायतों के प्रथम खाते के संचालन पर रोक लगा दी। इससे प्रथम खाते से कोई कार्य नहीं हो सकेंगे। फीडिंग समेत अन्य कार्यों में उदासीनता बरतने पर जिले के सभी 103 सचिवों के वेतन को भी अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया। बता दें कि वित्तीय वर्ष शुरू होने से पूर्व कार्ययोजना बनने से खाते में बजट को भेज दिया जाता है। लेटलतीफी होने पर अन्य कार्य भी प्रभावित हो जाता है। जिला पंचायत राज अधिकारी बालेेशधर द्विवेदी ने कहा कि शासन की मंशानुरूप कार्य न करने पर कार्रवाई की गई है। समय रहते सभी कार्य पूर्ण करा लिया जाए।
जिले की 561 ग्रामसभाओं में केंद्रीय और राज्य वित्त के पैसे से विकास कार्य कराया जाता है। प्रत्येक वित्तीय वर्ष के शुरू होने से पूर्व ही ग्राम पंचायतों की ओर से प्रस्ताव बनाकर उसकी फीडिंग कराई जाती है। सीएम कार्यालय की ओर से लगातार हो रही मानीटरिंग के बीच 2019-20 में होने वाली कार्ययोजना को पूर्ण कराकर ऑनलाइन फीडिंग 28 फरवरी तक करना था, लेकिन उसे पूरा नहीं किया गया। इसके पीछे ग्राम पंचायत अधिकारियों की उदासीनता सामने आई। उनका कहना है कि वे अगले वित्तीय वर्ष से कार्ययोजना बनाएंगे। डीएम ने मामले को संज्ञान में लेते हुए सख्ती बरतने के लिए कहा। कई बार चेतावनी पत्र जारी करने के बाद भी ग्राम पंचायत अधिकारियों और प्रधानों की ओर से उदासीनता बरती गई। इसको देखते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी बालेशधर द्विवेदी ने 512 ग्राम पंचायतों के प्रथम खाते के संचालन पर रोक लगा दी। इससे प्रथम खाते से कोई कार्य नहीं हो सकेंगे। फीडिंग समेत अन्य कार्यों में उदासीनता बरतने पर जिले के सभी 103 सचिवों के वेतन को भी अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया। बता दें कि वित्तीय वर्ष शुरू होने से पूर्व कार्ययोजना बनने से खाते में बजट को भेज दिया जाता है। लेटलतीफी होने पर अन्य कार्य भी प्रभावित हो जाता है। जिला पंचायत राज अधिकारी बालेेशधर द्विवेदी ने कहा कि शासन की मंशानुरूप कार्य न करने पर कार्रवाई की गई है। समय रहते सभी कार्य पूर्ण करा लिया जाए।
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