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Bhadohi News: क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर बताकर 4.69 लाख ठगे
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मैं लखनऊ से क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर विवेक सिंह बोल रहा हूं। अपने रिश्तेदार का पैसा क्यों नहीं दे रहे हो। पीड़ित ने भयभीत होकर ठग के की ओर से भेजे गए क्यूआर कोड पर 4. 69 लाख रुपये भेज दिया।
बाद में उसे पता चला कि काॅल ठग की थी। पीड़ित की शिकायत पर साइबर सेल ने प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ज्ञानपुर के मर्चवार निवासी ललित नारायण चौधरी ने साइबर सेल में तहरीर देकर बताया कि उनकी पत्नी कैंसर से पीड़ित है। उनके इलाज के लिए वह अपने रिश्तेदार सुनील कुमार सरोज और शैलेंद्र सरोज निवासी ऊंज से ढाई लाख कर्ज लिया है।
पत्नी के इलाज में पैसा अधिक खर्च हो गया। इस वजह से वह पैसा वापस नहीं कर सका। 13 नवंबर 2025 को उसके मोबाइल पर फोन आया और एक विवेक सिंह नामक व्यक्ति स्वयं को क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर लखनऊ शाखा का बताया।
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रिश्तेदार को पैसा न देने पर कार्रवाई की बात कही। क्यूआर कोड पर स्कैन कर पैसा भेजने के बाद उसने पैसा पहुंचने के बारे में पूछने के लिए रिश्तेदारों से बात की तो ठगी का पता चला।
काॅल करने वाला विवेक सिंह नहीं सल्लाहपुर अंबेडकर नगर निवासी राकेश तिवारी था। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने कहा कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
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बाद में उसे पता चला कि काॅल ठग की थी। पीड़ित की शिकायत पर साइबर सेल ने प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ज्ञानपुर के मर्चवार निवासी ललित नारायण चौधरी ने साइबर सेल में तहरीर देकर बताया कि उनकी पत्नी कैंसर से पीड़ित है। उनके इलाज के लिए वह अपने रिश्तेदार सुनील कुमार सरोज और शैलेंद्र सरोज निवासी ऊंज से ढाई लाख कर्ज लिया है।
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पत्नी के इलाज में पैसा अधिक खर्च हो गया। इस वजह से वह पैसा वापस नहीं कर सका। 13 नवंबर 2025 को उसके मोबाइल पर फोन आया और एक विवेक सिंह नामक व्यक्ति स्वयं को क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर लखनऊ शाखा का बताया।
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रिश्तेदार को पैसा न देने पर कार्रवाई की बात कही। क्यूआर कोड पर स्कैन कर पैसा भेजने के बाद उसने पैसा पहुंचने के बारे में पूछने के लिए रिश्तेदारों से बात की तो ठगी का पता चला।
काॅल करने वाला विवेक सिंह नहीं सल्लाहपुर अंबेडकर नगर निवासी राकेश तिवारी था। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने कहा कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।