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45 पंचायत भवन अधूरे, प्रधान-सचिव को नोटिस
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ज्ञानपुर। सरकार की मंशानुसार काम न करने पर जिले के 45 ग्राम प्रधानों और सचिवों को पंचायत राज विभाग ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। 00 दिन की कार्ययोजना में शामिल होने के बाद भी प्रधान और सचिव लापरवाह बने हैं। पखवारे भर में अपूर्ण पंचायत भवन पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। डीपीआरओ ने चेतावनी दी कि तय समय में मिनी सचिवालय न बनने पर प्रधानों का अधिकार सीज कर दिया जाएगा।
जिले के छह ब्लॉकों में 546 ग्राम पंचायत हैं। आम आदमी को गांव में ही सभी सुविधाएं मिल सके, इसलिए जिन गांव में पंचायत भवन हैं उन्हें अपग्रेड किया जा रहा है और जहां नहीं है वहां नए बनाए गए। एक पंचायत भवन निर्माण पर 17 लाख खर्च हो रहे हैं। विभाग का दावा है कि 546 गांवों में 243 में पहले से ही पंचायत भवन हैं। 303 में नए पंचायत भवन का निर्माण हो रहा है, जिसमें 45 अभी अपूर्ण हैं। हकीकत यह है कि जिन गांवों में पंचायत भवन पूर्ण होनेे का दावा किया जा रहा है वह भी आधे-अधूरे ही बन सके हैं। डीघ के दरवांसी, ज्ञानपुर के चकटोडर, अभोली के सेमरा सहित 45 से अधिक ऐसी ग्राम पंचायतें हैं जहां अब भी पंचायत भवन अपूर्ण है। 2022 में भाजपा की सरकार बनने पर मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को 100-100 दिन की कार्ययोजना दी। पंचायत विभाग को 100 दिन में सभी मिनी सचिवालय का संचालन कराने का निर्देश दिया गया, लेकिन प्रधानों और सचिवों की उदासीनता से 45 पंचायत भवन अब भी पूर्ण नहीं हो सके। इसको लेकर डीपीआरओ ने नाराजगी जताई है। उन्होंने सचिव और प्रधान को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
डीपीआरओ राकेश कुमार यादव ने बताया कि पंचायत भवन निर्माण हमारी शीर्ष प्राथमिकता है। 45 मिनी सचिवालय अब तक पूर्ण नहीं हो सके। इसको लेकर सचिव और प्रधान को नोटिस भेजा गया है। एक पखवाड़े में अधूरे कार्य पूर्ण नहीं होंगे तो पदीय दायित्वों का निवर्हन करने पर प्रधान के अधिकार को सीज किया जाएगा
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जिले के छह ब्लॉकों में 546 ग्राम पंचायत हैं। आम आदमी को गांव में ही सभी सुविधाएं मिल सके, इसलिए जिन गांव में पंचायत भवन हैं उन्हें अपग्रेड किया जा रहा है और जहां नहीं है वहां नए बनाए गए। एक पंचायत भवन निर्माण पर 17 लाख खर्च हो रहे हैं। विभाग का दावा है कि 546 गांवों में 243 में पहले से ही पंचायत भवन हैं। 303 में नए पंचायत भवन का निर्माण हो रहा है, जिसमें 45 अभी अपूर्ण हैं। हकीकत यह है कि जिन गांवों में पंचायत भवन पूर्ण होनेे का दावा किया जा रहा है वह भी आधे-अधूरे ही बन सके हैं। डीघ के दरवांसी, ज्ञानपुर के चकटोडर, अभोली के सेमरा सहित 45 से अधिक ऐसी ग्राम पंचायतें हैं जहां अब भी पंचायत भवन अपूर्ण है। 2022 में भाजपा की सरकार बनने पर मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को 100-100 दिन की कार्ययोजना दी। पंचायत विभाग को 100 दिन में सभी मिनी सचिवालय का संचालन कराने का निर्देश दिया गया, लेकिन प्रधानों और सचिवों की उदासीनता से 45 पंचायत भवन अब भी पूर्ण नहीं हो सके। इसको लेकर डीपीआरओ ने नाराजगी जताई है। उन्होंने सचिव और प्रधान को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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डीपीआरओ राकेश कुमार यादव ने बताया कि पंचायत भवन निर्माण हमारी शीर्ष प्राथमिकता है। 45 मिनी सचिवालय अब तक पूर्ण नहीं हो सके। इसको लेकर सचिव और प्रधान को नोटिस भेजा गया है। एक पखवाड़े में अधूरे कार्य पूर्ण नहीं होंगे तो पदीय दायित्वों का निवर्हन करने पर प्रधान के अधिकार को सीज किया जाएगा
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