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जिले में स्थापित हुई 10
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ज्ञानपुर। खुशी एवं सौहार्द के पर्व की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। होलिका दहन के लिए जिले में 1087 हालिकाएं स्थापित की गईं हैं। होली एवं रंगोत्सव को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली है। सीसीटीवी कैमरे, वीडियो रिकार्डिंग के साथ ही तहसीलों में डीएम ने तीन अलग-अलग टीमें बनाई है। जिसमें पुलिस, राजस्व विभाग के साथ बिजली विभाग के अधिकारी रहेंगे।
हिंदुओं के पवित्र त्योहारों में से होली एक प्रमुख त्योहार है। जिसे समूचे भारत में बड़े हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है। इस पर्व को भी असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाता है। होली के दिन सभी तरह- तरह के रंगों में रंगे दिखाई पड़ते है, तो इससे एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है। जिसे भक्त प्रह्लाद के विश्वास और उसकी भक्ति के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार होलिका दहन को होलिका दीपक या छोटी होली के नाम से भी जाना जाता है। जिले में होलिका की तैयारियां पूरी कर ली गई है। जिला प्रशासन के अनुसार जिले में 1087 स्थानों पर होलिकाएं जलेंगी। हालांकि, वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक है। होली सकुशल एवं शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न हो, इसके लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से अलग-अलग तैयारी की गई हैं। पुलिस जहां अति संवेदनशील होलिका स्थलों पर वीडिया रिकार्डिंग संग सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं, वहीं क्यूूआरटी टीम, यूपी 100 समेत हर थानों पर दो टीमें मौजूद रहेंगी। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार ने कहा कि सुरक्षा के व्यापक इंतजाम हुए हैं। भदोही, गोपीगंज, सुरियावां, माधोसिंह समेत प्रमुख बाजारों में संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। डुहियां के पं. दीनानाथ शुक्ल ने कहा कि होलिका दहन के लिए तीन चीजों का एक साथ होना शुभ होता है। पूर्णिमा तिथि हो, प्रदोष काल हो और भद्रा ना लगा हो।
सज चुका है मिलावाट का बाजार
ज्ञानपुर। होली के पर्व के मद्देनजर खाद्य पदार्थों संग पिचकारी, अबीर-गुलाल का बाजार सज गया है। दुकानदार अच्छी कमाई के लिए सिंथेटिक रंगो को भी दुकानों में रखा है। जिसके प्रयोग से चेहरे आदि पर काफी नुकसान होता है। मांग के सापेक्ष आपूर्ति कम होने से पनीर, खोवा भी मिलावटी बाजार में आ चुका है। ज्ञानपुर गोपीगंज, सुरियावां, भदोही आदि नगरों में भी व्यापक स्तर पर मिलावटी सामानों की बिक्री की जाती है। जिला औषधीय एवं प्रशासन विभाग की ओर से भले ही छापेमारी की जा रही है लेकिन उसका असर मिलावटखोरों पर नहीं दिख रहा है।
हिंदुओं के पवित्र त्योहारों में से होली एक प्रमुख त्योहार है। जिसे समूचे भारत में बड़े हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है। इस पर्व को भी असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाता है। होली के दिन सभी तरह- तरह के रंगों में रंगे दिखाई पड़ते है, तो इससे एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है। जिसे भक्त प्रह्लाद के विश्वास और उसकी भक्ति के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार होलिका दहन को होलिका दीपक या छोटी होली के नाम से भी जाना जाता है। जिले में होलिका की तैयारियां पूरी कर ली गई है। जिला प्रशासन के अनुसार जिले में 1087 स्थानों पर होलिकाएं जलेंगी। हालांकि, वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक है। होली सकुशल एवं शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न हो, इसके लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से अलग-अलग तैयारी की गई हैं। पुलिस जहां अति संवेदनशील होलिका स्थलों पर वीडिया रिकार्डिंग संग सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं, वहीं क्यूूआरटी टीम, यूपी 100 समेत हर थानों पर दो टीमें मौजूद रहेंगी। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार ने कहा कि सुरक्षा के व्यापक इंतजाम हुए हैं। भदोही, गोपीगंज, सुरियावां, माधोसिंह समेत प्रमुख बाजारों में संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। डुहियां के पं. दीनानाथ शुक्ल ने कहा कि होलिका दहन के लिए तीन चीजों का एक साथ होना शुभ होता है। पूर्णिमा तिथि हो, प्रदोष काल हो और भद्रा ना लगा हो।
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सज चुका है मिलावाट का बाजार
ज्ञानपुर। होली के पर्व के मद्देनजर खाद्य पदार्थों संग पिचकारी, अबीर-गुलाल का बाजार सज गया है। दुकानदार अच्छी कमाई के लिए सिंथेटिक रंगो को भी दुकानों में रखा है। जिसके प्रयोग से चेहरे आदि पर काफी नुकसान होता है। मांग के सापेक्ष आपूर्ति कम होने से पनीर, खोवा भी मिलावटी बाजार में आ चुका है। ज्ञानपुर गोपीगंज, सुरियावां, भदोही आदि नगरों में भी व्यापक स्तर पर मिलावटी सामानों की बिक्री की जाती है। जिला औषधीय एवं प्रशासन विभाग की ओर से भले ही छापेमारी की जा रही है लेकिन उसका असर मिलावटखोरों पर नहीं दिख रहा है।
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