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खिचड़ी खाकर विदा हुई राम बारात, धनुष यज्ञ मेला संपन्न
Updated Fri, 14 Dec 2018 12:10 AM IST
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मोढ़। जिले का ऐतिहासिक धनुष यज्ञ मेला बृहस्पतिवार को संपन्न हो गया। मिथिला में खिचड़ी खाने की रस्म अदा करने के बाद बारात को विदा किया गया। इसके साथ ही छह दिनी मेले का समापन हो गया। अंतिम दिन दुकानदारों ने अपने डेरे-कनात उखाड़ लिए। मेले के दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। मोढ़ के धनुष यज्ञ की बारी में आयोजित एतिहासिक धनुषयज्ञ मेले के अंतिम दिन बृहस्पतिवार को भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान बच्चे झूले का आनंद उठाने में तो महिलाएं खरीदारी करने में जुटी रहीं।
जमुनीपुर अठगांवा स्थित मेला बारी में धनुषयज्ञ मेला देखने समूचा क्षेत्र ही उमड़ पड़ा था। महिलाओं और बच्चों में मेले को लेकर खासा उत्साह रहा। बुधवार को सीता स्वयंवर और श्रीराम विवाह के बाद बृहस्पतिवार को खिचड़ी का आयोजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने श्रीराम और सीता की आरती और र्पूाकिया। छह दिवसीय मेले के अंतिम दिन महलाओं ने जहां श्रृंगार सामाग्री की जमकर खरीदारी की वहीं झूला व आर्केस्ट्रा भी उन्हें खूब भाया। मेले में चाट, मिठाइयों की दुकानों पर भीड़ डटी रही। लोग सर्कस, झूले का आनंद उठाते भी नजर आएं। मेले में परंपरा के अनुसार महिला श्रद्धालुओं की ओर से हलुआ पूड़ी चढ़ाकया गया जबकि पुरुष श्रद्धालुओं ने हनुमान जी को पेड़ा और लड्डू चढ़ाने की परंपरा का निर्वाह किया। इस दौरान पेड़ा और गुझिया की भी लोगों ने जमकर खरीदारी की। सुरक्षा की दृष्टि से मेले में बड़ी संख्या में पीसएसी और पुलिस बल की तैनाती की गई थी। अग्निशमन विभाग का वाहन मेले के मध्य में तैनात रहा।
जमुनीपुर अठगांवा स्थित मेला बारी में धनुषयज्ञ मेला देखने समूचा क्षेत्र ही उमड़ पड़ा था। महिलाओं और बच्चों में मेले को लेकर खासा उत्साह रहा। बुधवार को सीता स्वयंवर और श्रीराम विवाह के बाद बृहस्पतिवार को खिचड़ी का आयोजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने श्रीराम और सीता की आरती और र्पूाकिया। छह दिवसीय मेले के अंतिम दिन महलाओं ने जहां श्रृंगार सामाग्री की जमकर खरीदारी की वहीं झूला व आर्केस्ट्रा भी उन्हें खूब भाया। मेले में चाट, मिठाइयों की दुकानों पर भीड़ डटी रही। लोग सर्कस, झूले का आनंद उठाते भी नजर आएं। मेले में परंपरा के अनुसार महिला श्रद्धालुओं की ओर से हलुआ पूड़ी चढ़ाकया गया जबकि पुरुष श्रद्धालुओं ने हनुमान जी को पेड़ा और लड्डू चढ़ाने की परंपरा का निर्वाह किया। इस दौरान पेड़ा और गुझिया की भी लोगों ने जमकर खरीदारी की। सुरक्षा की दृष्टि से मेले में बड़ी संख्या में पीसएसी और पुलिस बल की तैनाती की गई थी। अग्निशमन विभाग का वाहन मेले के मध्य में तैनात रहा।
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