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पहले दिन ऋणमाफी से वंचित रह गए किसान
Updated Fri, 18 Aug 2017 12:57 AM IST
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पहले दिन ऋणमाफी से वंचित रह गए किसान
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ज्ञानपुर (भदोही)। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ऋणमाफी मोचन योजना के पहले दिन जिले के एक भी किसान को लाभ नहीं मिल सका। इसके पीछे किसानों के खातों का वेरीफेकेशन न होने की बात सामने आ रही है, दूसरी ओर प्रशासन का दावा है कि ऋणमाफी का समय बढ़ने से 20 अगस्त के बाद ऋणमाफी का पैसा लाभार्थी के खाते में जाएगा।
2017 विधानसभा चुनाव के दौरान कर्जमाफी की घोषणा करने वाली भाजपा सरकार बनाने के करीब दो माह बाद कर्जमाफी की घोषणा की। इस दौरान एक लाख तक कर्ज लेने वाले लाभार्थियों की सूची बनाई गई। जिले में 21 हजार से अधिक ऐसे लाभार्थी चिह्नित किए गए, जिन्होंने एक लाख तक का ऋण लिया था। तीनों तहसीलों से लाभार्थियों का चयन करने के बाद उनके अभिलेखों का सत्यापन और आधार लिंक कराने की प्रक्रिया शुरू हुई। जिले के कई विभागों से कंप्यूटर ऑपरेटरों को ऋणमाफी के कार्यों में लगा दिया गया लेकिन निर्धारित तिथि के दिन बृहस्पतिवार को एक भी किसान को ऋणमाफी का लाभ नहीं मिल सका। प्रशासन के सूत्रों की मानें तो अब तक चार से पांच हजार लाभार्थियों का आधा-अधूरा सत्यापन हो सका है, जिससे उन्हें लाभान्वित नहीं किया जा सका। मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह ने कहा कि ऋण माफी के लिए लाभार्थियों की सूची तैयार कर ली गई है। करीब चार हजार लाभार्थी की सूची फीड हो गई है। शासन की ओर से 30 अगस्त तक तिथि बढ़ाने के कारण सूची को अंतिम बार जांचने का मौका मिल गया है। निर्धारित तिथि से पहले सभी लाभार्थियों को ऋणमाफी का लाभ दे दिया जाएगा।
ऋणमाफी को लेकर सीडीओ ने कसा पेच
ज्ञानपुर। मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सभी बैंकर्स की बैठक हुई। इसमें सरकार की किसान ऋणमाफी योजना को लेकर दिशा-निर्देश दिया गया। बैंकर्स को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक दशा में सरकार की टाइम लाइन के अनुसार काम किया जाए। ऋणमाफी योजना से पात्र लाभार्थी किसानों की डाटा फीडिंग करते हुए इसकी अंतिम सूची दो दिन के अंदर उप निदेशक कृषि को उपलब्ध कराएं। ताकि किसानों को समय से ऋणमाफी का लाभ दिया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण न कराने पर संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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2017 विधानसभा चुनाव के दौरान कर्जमाफी की घोषणा करने वाली भाजपा सरकार बनाने के करीब दो माह बाद कर्जमाफी की घोषणा की। इस दौरान एक लाख तक कर्ज लेने वाले लाभार्थियों की सूची बनाई गई। जिले में 21 हजार से अधिक ऐसे लाभार्थी चिह्नित किए गए, जिन्होंने एक लाख तक का ऋण लिया था। तीनों तहसीलों से लाभार्थियों का चयन करने के बाद उनके अभिलेखों का सत्यापन और आधार लिंक कराने की प्रक्रिया शुरू हुई। जिले के कई विभागों से कंप्यूटर ऑपरेटरों को ऋणमाफी के कार्यों में लगा दिया गया लेकिन निर्धारित तिथि के दिन बृहस्पतिवार को एक भी किसान को ऋणमाफी का लाभ नहीं मिल सका। प्रशासन के सूत्रों की मानें तो अब तक चार से पांच हजार लाभार्थियों का आधा-अधूरा सत्यापन हो सका है, जिससे उन्हें लाभान्वित नहीं किया जा सका। मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह ने कहा कि ऋण माफी के लिए लाभार्थियों की सूची तैयार कर ली गई है। करीब चार हजार लाभार्थी की सूची फीड हो गई है। शासन की ओर से 30 अगस्त तक तिथि बढ़ाने के कारण सूची को अंतिम बार जांचने का मौका मिल गया है। निर्धारित तिथि से पहले सभी लाभार्थियों को ऋणमाफी का लाभ दे दिया जाएगा।
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ऋणमाफी को लेकर सीडीओ ने कसा पेच
ज्ञानपुर। मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सभी बैंकर्स की बैठक हुई। इसमें सरकार की किसान ऋणमाफी योजना को लेकर दिशा-निर्देश दिया गया। बैंकर्स को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक दशा में सरकार की टाइम लाइन के अनुसार काम किया जाए। ऋणमाफी योजना से पात्र लाभार्थी किसानों की डाटा फीडिंग करते हुए इसकी अंतिम सूची दो दिन के अंदर उप निदेशक कृषि को उपलब्ध कराएं। ताकि किसानों को समय से ऋणमाफी का लाभ दिया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण न कराने पर संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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