{"_id":"5c193ef4bdec2256ed2b817e","slug":"201545158388-bhadohi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोवर्स रेंजर्स शिविर चौथा दिन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोवर्स रेंजर्स शिविर चौथा दिन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
भदोही। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राजकीय महाविद्यालय के रोवर्स-रेंजर्स प्रशिक्षण शिविर के चौथे दिन शिविरार्थियों को खोज के चिह्न , गांठ बांधना, अनुमान लगाना, बुद्धि विकास आदि के बारे में व्यापक जानकारी और प्रशिक्षण दिया गया। जिला संगठन आयुक्त शेषधर दूबे ने बताया कि विषम परिस्थितियों में मस्तिष्क के इस्तेमाल से बेहतर परिणाम हासिल हो सकते हैं।
उन्होने शिविरार्थियों को बताया कि संसाधनों के अभाव में जीना सीखना चाहिए। आभाव होने पर अपने मनमस्तिष्क का सही इस्तेमाल कर परिस्थितियों से लड़ना भी सीखना चाहिए। हमेशा अनुशासन में रहें। शिविर में सीटी के संकेतों, अनुमान लगाना व खोज के विभिन्न चिन्हों पर जानकारी दी गई। एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने पर चिन्ह का इस्तेमाल करना चाहिए जो आपके काम आए। प्रशिक्षक चंद्रेश राय ने स्काउड गाइड ध्वज के आकार, रंग, साइज और झंडे में प्रदर्शित विभिन्न प्रकार के आकृति की बारीकियों से भी अवगत कराया गया।
रोवर्स प्रभारी डॉ. बृजेश सिंह, रेंजर्स प्रभारी डॉ. भावना सिंह और प्रशिक्षक ज्योति मौर्य ने भी सहयोग किया। मुख्य रूप से डॉ. यशवीर सिंह, डॉ. गौतम गुप्ता, डॉ. राजकुमार यादव, डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव, डॉ. अनुराग सिंह, डॉ. मामा यादव, डॉ. वर्षा तिवारी, डॉ. रुस्तम अली, डॉ. बृजेश कुमार रहे।
उन्होने शिविरार्थियों को बताया कि संसाधनों के अभाव में जीना सीखना चाहिए। आभाव होने पर अपने मनमस्तिष्क का सही इस्तेमाल कर परिस्थितियों से लड़ना भी सीखना चाहिए। हमेशा अनुशासन में रहें। शिविर में सीटी के संकेतों, अनुमान लगाना व खोज के विभिन्न चिन्हों पर जानकारी दी गई। एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने पर चिन्ह का इस्तेमाल करना चाहिए जो आपके काम आए। प्रशिक्षक चंद्रेश राय ने स्काउड गाइड ध्वज के आकार, रंग, साइज और झंडे में प्रदर्शित विभिन्न प्रकार के आकृति की बारीकियों से भी अवगत कराया गया।
विज्ञापन
रोवर्स प्रभारी डॉ. बृजेश सिंह, रेंजर्स प्रभारी डॉ. भावना सिंह और प्रशिक्षक ज्योति मौर्य ने भी सहयोग किया। मुख्य रूप से डॉ. यशवीर सिंह, डॉ. गौतम गुप्ता, डॉ. राजकुमार यादव, डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव, डॉ. अनुराग सिंह, डॉ. मामा यादव, डॉ. वर्षा तिवारी, डॉ. रुस्तम अली, डॉ. बृजेश कुमार रहे।
विज्ञापन