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दीपावली पर सतर्क हुआ स्वास्थ्य विभाग
Updated Tue, 06 Nov 2018 12:28 AM IST
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ज्ञानपुर। दीपावली पर पटाखे से होने वाले खतरे की आशंका के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। जिला अस्पताल समेत जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में पटाखों से झुलसने वाले मरीजों के उपचार की विशेष कर दी गई है। दीपावली पर पटाखे से झुुलसने वालों को बेहतर उपचार देने के लिए चिकित्सालय की इमरजेंसी में 24 घंटे सर्जन की मौजूदगी के साथ ही पर्याप्त मात्रा में दवाएं रखने को कहा गया है।
दीपावली पर पटाखे दगाने के दौरान झुलसने की घटनाओं को देखते हुए इस बार स्वास्थ्य विभाग से महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय समेत जिले के सभी सीएचसी पीएचसी में खास कर पटाखे से झुलसने वालों के लिए अलग से उपचार की व्यवस्था की जा रही है। इमरजेंसी के डॉ. माधव बरनवाल ने बताया कि पटाखे से जलने वाले मरीजों के उपचार के लिए सिलवारेक्स और एंटीबायोटिक दवाइयों को इस्तेमाल किया जाता है। पटाखे से जलने वाले मरीजों में सांस और एलर्जी संबंधित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। आग से झुलसे मरीजों की अपेक्षा पटाखे से झुलसे मरीजों की मौत का खतरा ज्यादा होता है। सीएमओ डॉ. सतीश सिंह ने बताया कि दीपावली के अवसर पर पटाखे से झुलसने वाले मरीजों की बेहतर स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके तहत इमरजेंसी में एक सर्जन डाक्टर 24 घंटे मौजूद रहेंगे। वहीं इससे संबंधित दवाओं को प्रचुर मात्रा में उपलब्ध रखने के साथ ही इमरजेंसी वार्ड के कुछ बेड को आरक्षित रखने का निर्देश देने की तैयारी है।
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दीपावली पर पटाखे दगाने के दौरान झुलसने की घटनाओं को देखते हुए इस बार स्वास्थ्य विभाग से महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय समेत जिले के सभी सीएचसी पीएचसी में खास कर पटाखे से झुलसने वालों के लिए अलग से उपचार की व्यवस्था की जा रही है। इमरजेंसी के डॉ. माधव बरनवाल ने बताया कि पटाखे से जलने वाले मरीजों के उपचार के लिए सिलवारेक्स और एंटीबायोटिक दवाइयों को इस्तेमाल किया जाता है। पटाखे से जलने वाले मरीजों में सांस और एलर्जी संबंधित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। आग से झुलसे मरीजों की अपेक्षा पटाखे से झुलसे मरीजों की मौत का खतरा ज्यादा होता है। सीएमओ डॉ. सतीश सिंह ने बताया कि दीपावली के अवसर पर पटाखे से झुलसने वाले मरीजों की बेहतर स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके तहत इमरजेंसी में एक सर्जन डाक्टर 24 घंटे मौजूद रहेंगे। वहीं इससे संबंधित दवाओं को प्रचुर मात्रा में उपलब्ध रखने के साथ ही इमरजेंसी वार्ड के कुछ बेड को आरक्षित रखने का निर्देश देने की तैयारी है।
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