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एससी-एसटी के खिलाफ लोकदल ने बुलंद की आवाज
Updated Sat, 29 Sep 2018 01:17 AM IST
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ज्ञानपुर। एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ शुक्रवार को लोकदल ने कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। जोरईं से पैदल मार्च निकालकर कलेक्ट्रेट तक पहुंचे कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि केंद्र सरकार ने सवर्णों के साथ धोखा किया है। आगामी चुनाव में सवर्ण समाज भाजपा को इसका जवाब देगा। अंत में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा गया। धरना सभा में लोकदल के वाराणसी मंडल प्रभारी जय राम पांडेय ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने गत दिनों लोकसभा और राज्य सभा में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को नकारते हुए एक्ट में संशोधन किया। यह बिल अब कानून बन गया है। इसकी आड़ में सवर्णों का शोषण किया जाएगा। थाने में शिकायत आने के बाद पुलिस अंग्रेजी हुकूमत की तर्ज पर निर्दोष लोगों को उठा ले जाएगी। कहा कि भाजपा शुरू से ही देश में जाति और धर्म के नाम पर लोगों को बांट रही है। 24 प्रतिशत दलित वोट बैंक साधने के लिए सवर्णों को नकारा है। जिलाध्यक्ष आनंद पांडेय ने कहा कि एससी-एसटी बिल की आड़ में भाजपा का दलित प्रेम घिनौना है। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन के जरिये मांग की गई कि एससी-एसटी के मामले में जांच कराने के बाद ही गिरफ्तारी हो, अग्रिम जमानत की व्यवस्था की जाए, यदि आरोपी दोषमुक्त पाया जाए तो उसे दस लाख मुआवजा मिले। सरकारी और निजी संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों की गिरफ्तारी दोषसिद्ध होने तक न की जाए। इस मौके पर घनश्याम ओझा, विंध्यवासिनी उपाध्याय, वकील अहमद, दिवाकर पांडेय, लवकुश यादव, वैभव तिवारी, अनुराग, भीम मिश्रा, ऋषभ श्रीवास्तव, मनोज आदि रहे।
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