फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   जाति-धर्म से हटकर चुने जाते थे नेता - यादों के झरोखे से

जाति-धर्म से हटकर चुने जाते थे नेता - यादों के झरोखे से

Fri, 15 Mar 2019 12:35 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 15 Mar 2019 12:35 AM IST
विज्ञापन
जाति-धर्म से हटकर चुने जाते थे नेता  - यादों के झरोखे से
चौरी। लोकसभा चुनाव का बिगुल बजने के साथ हर कोई सियासी रंग में रंगा दिखने लगा है, हालांकि कई चुनाव देख चुके चौरी के बुजुर्ग वर्तमान राजनीति से इत्तफाक नहीं रखते। उनका मानना है कि पहले जाति-धर्म से हटकर जनप्रतिनिधि का चयन होता था, जबकि अब माहौल दूसरा हो चुका है।
विज्ञापन

चौरी के कोल्हण निवासी 80 वर्षीय भगवानदास मौर्य ने बृहस्पतिवार को अमर उजाला से बातचीत में पुरानी चुनावी यादों को साझा किया। बताया कि विडंबना ही है कि मतदान से पहले जनप्रतिनिधि की छवि के साथ-साथ क्षेत्र के विकास को लेकर उनकी गंभीरता को परखने की प्रवृत्ति गुजरे दिनों की बात हो गई है। उस दौर में धनबल, बाहुबल का कोई निशान नहीं था। अच्छे छवि और विकास करने वाले जनप्रतिनिधि ही चुने जाते थे। मगर अब तो जहां से पैसा मिल रहा है, वहीं अच्छी छवि और विकास करने वाला जनप्रतिनिधि दिखने लगता है। पहले के जनप्रतिनिधि अच्छे और बुरे समय में एक ही पार्टी में रहना पसंद करते थे, लेकिन अब तो पांच साल में ही नेता कई पार्टियों का दामन थामने से गुरेज नहीं करते।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed