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चाय की दुकानों पर अपनी ढपली अपना राग
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सुरियावां। भदोही संसदीय सीट से सभी दलों ने भले ही अपने सियासी पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन चाय की दुकान से लेकर चट्टी चौराहों तक सियासत तेज हो गई है। समर्थक अपनी-अपनी पार्टी की जीत के दावे करने से नहीं चूक रहे हैं। कोई पांच साल में सत्ताविरोधी लहर का हवाला दे रहा है तो कोई देशहित और विकास की दुहाई देता दिखा।
रविवार सुबह करीब आठ बजे। सुरियावां के रामबाग में यादव, कल्लू और नंदू चाय की दुकान पर आठ से 10 की संख्या में लोग पहुंचते हैं और शुरू हो जाती है वर्तमान राजनीति को लेकर आपस में चर्चा। कुछ लोगों का मानना है कि गठबंधन के पास जातिगत वोट की संख्या इतनी है कि भाजपा आसपास नहीं दिख रही, लेकिन तभी उत्कर्ष ने तपाक से जवाब दिया कि अब जनता समझ चुकी है कि कौन देश हित में काम करेगा और कौन अपना जेब भरेगा। दोनों की बात पूरी नहीं हुई थी कि एक बुजुर्ग बोल पड़े। कहा 40 साल से राजनीति देख रहा हूं। प्रियंका बिटिया के चुनाव में आने से पार्टी को मजबूती मिली हैै। जनता सब देख और समझ रही है। सभी अपनी-अपनी पार्टी के जीत के दावे करते हुए दो से तीन कप चाय भी पी लिए, लेकिन चुनावी चर्चा खत्म नहीं हुई। इस मौके पर धर्मराज यादव, राकेश सिंह, देवराज यादव, रमेश सिंह, दिनेश पाल आदि शामिल रहे।
रविवार सुबह करीब आठ बजे। सुरियावां के रामबाग में यादव, कल्लू और नंदू चाय की दुकान पर आठ से 10 की संख्या में लोग पहुंचते हैं और शुरू हो जाती है वर्तमान राजनीति को लेकर आपस में चर्चा। कुछ लोगों का मानना है कि गठबंधन के पास जातिगत वोट की संख्या इतनी है कि भाजपा आसपास नहीं दिख रही, लेकिन तभी उत्कर्ष ने तपाक से जवाब दिया कि अब जनता समझ चुकी है कि कौन देश हित में काम करेगा और कौन अपना जेब भरेगा। दोनों की बात पूरी नहीं हुई थी कि एक बुजुर्ग बोल पड़े। कहा 40 साल से राजनीति देख रहा हूं। प्रियंका बिटिया के चुनाव में आने से पार्टी को मजबूती मिली हैै। जनता सब देख और समझ रही है। सभी अपनी-अपनी पार्टी के जीत के दावे करते हुए दो से तीन कप चाय भी पी लिए, लेकिन चुनावी चर्चा खत्म नहीं हुई। इस मौके पर धर्मराज यादव, राकेश सिंह, देवराज यादव, रमेश सिंह, दिनेश पाल आदि शामिल रहे।
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