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गुरूजी ने नहीं पढ़ाया, इसलिए नहीं लिखा
Updated Wed, 05 Dec 2018 10:56 PM IST
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ज्ञानपुर। ‘गुरुजी ने गणित नहीं पढ़ाया, इसलिए उत्तर नहीं लिख सके, माफ करिएगा।’ एक, दो नहीं छठी से आठवीं तक के 25 बच्चों ने अर्द्धवार्षिक परीक्षा की उत्तर पुस्तिका में यही वाक्य लिखा है। मामला डीघ विकास खंड के पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोधना का है। प्रकरण संज्ञान में आने के बाद प्रधान सावित्री देवी ने शिक्षा विभाग के अफसरों संग मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की।
शुरुआती शिक्षा की रीढ़ कहे जाने वाले परिषदीय विद्यालयों में सुविधाएं बेहतर करने के लिए भले ही सरकार तमाम योजनाएं चला रही है, लेकिन कुछ शिक्षक सरकार की मंशा को ही दरकिनार कर दे रहे हैं। ऐसे शिक्षक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य अंधकारमय करने से गुरेज नहीं करते। पहले से ही विवादों में रहे पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोधना के प्रधानाध्यापक अब एक और मामले में घिर गए हैं। 31 नवंबर को संपन्न अर्द्धवार्षिक परीक्षा में आठवीं की छात्रा खूशबू यादव, आंचल यादव, मनीष कुमार, आंचल मौर्य समेत 25 बच्चों ने प्रश्नों के उत्तर की बजाए उत्तरपुस्तिका में गुरुजी ने नहीं पढ़ाया, इसलिए नहीं लिख सके जैसे वाक्य लिखे। हालांकि इससे शिक्षा विभाग अनजान बना हुआ है। खंड शिक्षा अधिकारी डीघ रविंद्र शुक्ला ने कहा कि मामला गंभीर है। प्रकरण की जांच कराकर गणित शिक्षक पर कार्रवाई की जाएगी।
शुरुआती शिक्षा की रीढ़ कहे जाने वाले परिषदीय विद्यालयों में सुविधाएं बेहतर करने के लिए भले ही सरकार तमाम योजनाएं चला रही है, लेकिन कुछ शिक्षक सरकार की मंशा को ही दरकिनार कर दे रहे हैं। ऐसे शिक्षक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य अंधकारमय करने से गुरेज नहीं करते। पहले से ही विवादों में रहे पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोधना के प्रधानाध्यापक अब एक और मामले में घिर गए हैं। 31 नवंबर को संपन्न अर्द्धवार्षिक परीक्षा में आठवीं की छात्रा खूशबू यादव, आंचल यादव, मनीष कुमार, आंचल मौर्य समेत 25 बच्चों ने प्रश्नों के उत्तर की बजाए उत्तरपुस्तिका में गुरुजी ने नहीं पढ़ाया, इसलिए नहीं लिख सके जैसे वाक्य लिखे। हालांकि इससे शिक्षा विभाग अनजान बना हुआ है। खंड शिक्षा अधिकारी डीघ रविंद्र शुक्ला ने कहा कि मामला गंभीर है। प्रकरण की जांच कराकर गणित शिक्षक पर कार्रवाई की जाएगी।
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