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गबन में कोटा निरस्त, कोटेदार पर एफआईआर दर्ज
Updated Thu, 31 Aug 2017 12:12 AM IST
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ज्ञानपुर (भदोही)।
औराई विकास खंड के खरगपुर गांव का चार महीने से निलंबित चल रहा कोटा निरस्त कर दिया गया है। विभागीय जांच में कोटेदार के खिलाफ गबन के आरोप की पुष्टि हुई थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर कोटे की दूकान निरस्त करने के बाद पूर्ति निरीक्षक औराई की तहरीर पर कोटेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पूर्ति निरीक्षक दिनेश यादव की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया।
कोतवाल अजीत कुमार ने कोटेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है। मालूम हो कि खरगपुर के ग्रामीणों ने कोटेेदार राधेश्याम पर अनाज वितरण में मनमानी और अनियमितता बरतने का आरोप लगाया था। प्राथमिक जांच में मामला संदिग्ध मिलने पर 27 अप्रैल को कोटे की दूकान निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद जांच चल रही थी। अनियमितता को लेकर नोटिस जारी किया गया, लेकिन कोटेदार की ओर से जवाब संतोषजनक न मिलने पर निरस्त कर दिया गया। साथ ही कोटेदार पर 81.28 क्विंटल चावल और 120 .42 क्विंटल गेहूं गबन करने का दोषी पाया गया। पूर्ति निरीक्षक समेत अन्य की जांच रिपोर्ट आने के बाद जिलाधिकारी विशाख जी ने मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया। इसके बाद गबन का दोषी खरगपुर के कोटेदार राधेश्याम दीक्षित के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया गया।
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औराई विकास खंड के खरगपुर गांव का चार महीने से निलंबित चल रहा कोटा निरस्त कर दिया गया है। विभागीय जांच में कोटेदार के खिलाफ गबन के आरोप की पुष्टि हुई थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर कोटे की दूकान निरस्त करने के बाद पूर्ति निरीक्षक औराई की तहरीर पर कोटेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पूर्ति निरीक्षक दिनेश यादव की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया।
कोतवाल अजीत कुमार ने कोटेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है। मालूम हो कि खरगपुर के ग्रामीणों ने कोटेेदार राधेश्याम पर अनाज वितरण में मनमानी और अनियमितता बरतने का आरोप लगाया था। प्राथमिक जांच में मामला संदिग्ध मिलने पर 27 अप्रैल को कोटे की दूकान निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद जांच चल रही थी। अनियमितता को लेकर नोटिस जारी किया गया, लेकिन कोटेदार की ओर से जवाब संतोषजनक न मिलने पर निरस्त कर दिया गया। साथ ही कोटेदार पर 81.28 क्विंटल चावल और 120 .42 क्विंटल गेहूं गबन करने का दोषी पाया गया। पूर्ति निरीक्षक समेत अन्य की जांच रिपोर्ट आने के बाद जिलाधिकारी विशाख जी ने मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया। इसके बाद गबन का दोषी खरगपुर के कोटेदार राधेश्याम दीक्षित के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया गया।
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