{"_id":"5d07e69a8ebc3e06e10a4e9b","slug":"156079886119-bhadohi-news30","type":"story","status":"publish","title_hn":"अतिक्रमण पर चला बुल्डोजर,रही अफरातफरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अतिक्रमण पर चला बुल्डोजर,रही अफरातफरी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोपीगंज। जिलाधिकारी के आदेश पर सोमवार को गोपीगंज नगर में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाकर अवैध ढंग से खोली गई दर्जन भर दुकानों को हटाया गया। इससे नगर में अफरातफरी मची रही। विरोध जताने पर पुलिस और प्रशासन की टीम ने सामानों को ट्रैक्टर पर लादकर पालिका कार्यालय पहुंचाया।
नगर क्षेत्र में नासूर बन चुका अतिक्रमण पालिका और प्रशासन अमले के लिए फजीहत बढ़ाता आ रहा है। सिक्सलेन का कार्य शुरु हो जाने से जाम की समस्या अतिक्रमण से और विकट हो गई थी। आए दिन जाम लगने से यात्रियों संग अन्य दुकानदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। तीन दिन पूर्व नगर पालिका की ओर से अतिक्रमण हटाने के लिए हिदायत दी गई थी लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया गया। सोमवार को ज्ञानपुर एसडीएम जेपी यादव, तहसीलदार देवेंद्र कुमार, कोतवाल संजय राय, चौकी इंचार्ज सुशील तिवारी, ईओ अवधेश भारती के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम मय जेसीबी ज्ञानपुर रोड, राजमार्ग-बड़ा चौराहा, चुड़िहारी मोहाल, बस स्टैंड, मिर्जापुर रोड तुलसी सिनेमा हाल के सामने तक सड़क के दोनों ओर फुटपाथ और पालिका की नालियों के ऊपर हुए अतिक्रमण को जेसीबी लगाकर हटा दिया।
जल निकास नालियों पर कच्चा-पक्का निर्माण, सड़क पटरियों पर गुमटी, ठेला-खोमचा समेत अस्थाई दुकानों के बढ़े बारजे आदि को तोड़ा गया। चेतावनी के बाद भी सामान न हटाने वाले अभियान का विरोध करते रहे लेकिन बड़ी संख्या में मौजूद पुलिस बल के आगे कुछ कर नहीं सके। ईओे अवधेश भारती का कहना रहा कि अतिक्रमणकारियों के खिलाफ अभियान अनवरत चलता रहेगा। अभियान के तहत जो भी सामान जब्त किए गए हैं उच्च अधिकारियों के आदेश पर अतिक्रमणकर्ताओं से जुर्माना वसूल कर वापस किया जाएगा।
विज्ञापन
पालिका कार्यालय पर प्रदर्शन कर जताया विरोध
गोपीगंज। सोमवार को नगर क्षेत्र के राजमार्ग से होते मिर्जापुर रोड तक लगभग आधा दर्जन स्थानों पर चले अतिक्रमण अभियान के खिलाफ दुकानदार पालिका कार्यालय पहुंच कर विरोध-प्रदर्शन किया। आरोप मढ़ा कि नगर और पुलिस प्रशासन आपसी तालमेल बैठाकर एक बारगी सुविधा शुल्क के साथ अति क्रमण कराया जाता है। उसके बाद हटवाने के लिए अभियान चलाकर परेशान किया जाता है। कहा गया कि बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों की ओर अभियान में शामिल अधिकारी और पुलिस हाथ नहीं डालती। मात्र छोटे दुकानदारों को प्रभावित करना रहता है। अति क्रमण हटाने के नाम पर सामानों को खराब करना, तोड़ना उचित नहीं है। शीघ्र ही मामले को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने की चेतावनी दी गई।
विज्ञापन
नगर क्षेत्र में नासूर बन चुका अतिक्रमण पालिका और प्रशासन अमले के लिए फजीहत बढ़ाता आ रहा है। सिक्सलेन का कार्य शुरु हो जाने से जाम की समस्या अतिक्रमण से और विकट हो गई थी। आए दिन जाम लगने से यात्रियों संग अन्य दुकानदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। तीन दिन पूर्व नगर पालिका की ओर से अतिक्रमण हटाने के लिए हिदायत दी गई थी लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया गया। सोमवार को ज्ञानपुर एसडीएम जेपी यादव, तहसीलदार देवेंद्र कुमार, कोतवाल संजय राय, चौकी इंचार्ज सुशील तिवारी, ईओ अवधेश भारती के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम मय जेसीबी ज्ञानपुर रोड, राजमार्ग-बड़ा चौराहा, चुड़िहारी मोहाल, बस स्टैंड, मिर्जापुर रोड तुलसी सिनेमा हाल के सामने तक सड़क के दोनों ओर फुटपाथ और पालिका की नालियों के ऊपर हुए अतिक्रमण को जेसीबी लगाकर हटा दिया।
विज्ञापन
जल निकास नालियों पर कच्चा-पक्का निर्माण, सड़क पटरियों पर गुमटी, ठेला-खोमचा समेत अस्थाई दुकानों के बढ़े बारजे आदि को तोड़ा गया। चेतावनी के बाद भी सामान न हटाने वाले अभियान का विरोध करते रहे लेकिन बड़ी संख्या में मौजूद पुलिस बल के आगे कुछ कर नहीं सके। ईओे अवधेश भारती का कहना रहा कि अतिक्रमणकारियों के खिलाफ अभियान अनवरत चलता रहेगा। अभियान के तहत जो भी सामान जब्त किए गए हैं उच्च अधिकारियों के आदेश पर अतिक्रमणकर्ताओं से जुर्माना वसूल कर वापस किया जाएगा।
विज्ञापन
पालिका कार्यालय पर प्रदर्शन कर जताया विरोध
गोपीगंज। सोमवार को नगर क्षेत्र के राजमार्ग से होते मिर्जापुर रोड तक लगभग आधा दर्जन स्थानों पर चले अतिक्रमण अभियान के खिलाफ दुकानदार पालिका कार्यालय पहुंच कर विरोध-प्रदर्शन किया। आरोप मढ़ा कि नगर और पुलिस प्रशासन आपसी तालमेल बैठाकर एक बारगी सुविधा शुल्क के साथ अति क्रमण कराया जाता है। उसके बाद हटवाने के लिए अभियान चलाकर परेशान किया जाता है। कहा गया कि बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों की ओर अभियान में शामिल अधिकारी और पुलिस हाथ नहीं डालती। मात्र छोटे दुकानदारों को प्रभावित करना रहता है। अति क्रमण हटाने के नाम पर सामानों को खराब करना, तोड़ना उचित नहीं है। शीघ्र ही मामले को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने की चेतावनी दी गई।