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औराई चीनी मिल को देखने आएंगे विशेषज्ञ
Updated Sun, 11 Jun 2017 12:31 AM IST
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ज्ञानपुर। औराई स्थित दी सहकारी चीनी मिल के चालू करने के लिए उस पर आने वाले खर्च को लेकर कवायद शुरू हो गई है। मंडलीय अधिकारियों की जांच के बाद अब चीनी मिल को देखने के लिए लखनऊ से विशेषज्ञ आएंगे। प्रशासन का मानना है कि 18 जून तक चीनी मिल की जांच की जाएगी। उसके बाद विशेषज्ञों की तैयार रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
वर्ष 1971 में औराई में 110 एकड़ में स्थापित दी सहकारी चीनी मिल औराई करीब साढ़े तीन दशक तक चलने के बाद 2006-07 के सत्र में बंद हो गई। किसानों और विभिन्न संगठनों ने मिल चालू कराने के लिए आंदोलन भी किया लेकिन शासन से लेकर प्रशासन तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसभा के दौरान सरकार बनने पर मिल चालू कराने का वादा किया था।
सूबे में भाजपा की सरकार बनी और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने तो उम्मीदे और बढ़ गई। करीब 20 दिन पूर्व मुख्यमंत्री ने मिल को चालू कराने की घोषणा भी कर दी। गत चार जून को मिर्जापुर में मंडल की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने औराई चीनी मिल को चलाने के के सभी विकल्पों पर विचार कर एक प्रशासन से सप्ताह में रिपोर्ट मांगी थी। जिसके मद्देनजर शुक्रवार को सांसद समेत मंडलीय अधिकारी, जिलाधिकारी और एसपी ने निरीक्षण कर स्थिति को देखा। अब सवाल यह उठने लगा है कि मिल को चालू करने में कितना खर्च आएगा यह एक प्रमुख विषय है। माना जा रहा है कि मिल के ज्यादातर कलपुर्जे दूसरे मिलों में चले गए हैं। ऐसे में 200 से 250 करोड़ खर्च करने के बाद मिल चालू होने की स्थिति में आएगी। जिलाधिकारी विशाख जी ने कहा कि चीनी मिल को चालू करने के लिए शासन गंभीर है। कोआपरेटिव चीनी मिल के विशेषज्ञ अगले सप्ताह जिले में आएंगे। वह चीनी मिल की जांच-पड़ताल कर रिपोर्ट तैयार करेंगे। उनके रिपोर्ट से यह तय होगा कि मिल चलाने के लिए कितना खर्च करना पड़ेगा।
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वर्ष 1971 में औराई में 110 एकड़ में स्थापित दी सहकारी चीनी मिल औराई करीब साढ़े तीन दशक तक चलने के बाद 2006-07 के सत्र में बंद हो गई। किसानों और विभिन्न संगठनों ने मिल चालू कराने के लिए आंदोलन भी किया लेकिन शासन से लेकर प्रशासन तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसभा के दौरान सरकार बनने पर मिल चालू कराने का वादा किया था।
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सूबे में भाजपा की सरकार बनी और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने तो उम्मीदे और बढ़ गई। करीब 20 दिन पूर्व मुख्यमंत्री ने मिल को चालू कराने की घोषणा भी कर दी। गत चार जून को मिर्जापुर में मंडल की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने औराई चीनी मिल को चलाने के के सभी विकल्पों पर विचार कर एक प्रशासन से सप्ताह में रिपोर्ट मांगी थी। जिसके मद्देनजर शुक्रवार को सांसद समेत मंडलीय अधिकारी, जिलाधिकारी और एसपी ने निरीक्षण कर स्थिति को देखा। अब सवाल यह उठने लगा है कि मिल को चालू करने में कितना खर्च आएगा यह एक प्रमुख विषय है। माना जा रहा है कि मिल के ज्यादातर कलपुर्जे दूसरे मिलों में चले गए हैं। ऐसे में 200 से 250 करोड़ खर्च करने के बाद मिल चालू होने की स्थिति में आएगी। जिलाधिकारी विशाख जी ने कहा कि चीनी मिल को चालू करने के लिए शासन गंभीर है। कोआपरेटिव चीनी मिल के विशेषज्ञ अगले सप्ताह जिले में आएंगे। वह चीनी मिल की जांच-पड़ताल कर रिपोर्ट तैयार करेंगे। उनके रिपोर्ट से यह तय होगा कि मिल चलाने के लिए कितना खर्च करना पड़ेगा।
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