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25 गांवों में दो दिन से बिजली गुल
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दुर्गागंज। प्रचंड धूप और गर्मी के बीच इलाके के दो दर्जन से अधिक गांवों में पिछले दो दिनों से बिजली आपूर्ति ठप है। तकनीकी गड़बड़ी के कारण मिश्राइनपुर फीडर से जुड़े गांवों में बिजली न रहने से पेयजल किल्लत से लेकर मोबाइल चार्ज करने तक की समस्या खड़ी हो गई है। गर्मी और उमस के माहौल में लोग बिन बिजली बिलबिला गए हैं।
अप्रैल के पहले सप्ताह से ही गर्मी ने कड़ा रुख दिखाना शुरू कर दिया है। इसी के साथ ही बिजली का गुलगपाड़ा भी शुरू हो गया है। जर्जर तार और पोल के सहारे दौड़ाई गई इलाके की बिजली आपूर्ति में कब फॉल्ट आ जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। शनिवार को मिश्राइनपुर फीडर में तकनीकी गड़बड़ी आने के कारण इससे जुड़े शेरपुर, कलापुर, चिरंजीवपुर, दमगढ़ा, भानीपुर, मसुधी, धनऊपुर, पांडेयपुर, बरना, दयालपुर, कुढ़वा, कठार, प्रयागपुर, बछपट्टी और दुर्गागंज बाजार समेत 25 गांवों में अंधेरा छा गया। इसके चलते तमाम लोगों को गर्मी में पीने का पानी भी नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण परिवेश होने के कारण लोगों को हैंडपंप पर निर्भर होना पड़ रहा है, लेकिन तमाम हैंडपंप भी खराब हालत में हैं। भीषण गर्मी में पंखे और कूलर भी शोपीस बनकर रह गए हैं। इससे परेशानी बढ़ गई है। रविवार को शाम तक बिजली का अता-पता नहीं था। किसान नेता सुरेशचंद मौर्या, पप्पू कनौजिया, विनोद सिंह, स्वामीनाथ पांडेय, लल्लू दुबे, केके पांडेय, अजय यादव, डब्बू यादव, त्रिभुवन सिंह, लालता प्रसाद आदि किसानों ने बिजली की इस दुर्दशा पर रोष प्रकट करते हुए कहा कि खेती-बारी का काम भी प्रभावित हो रहा है। कहा कि न तो सब्जी की सिंचाई हो पा रही है ना ही गेहूं की मड़ाई। चेतावनी दी कि अगर शीघ्र ही बिजली आपूर्ति न सुधरी तो आंदोलन किया जाएगा। इस संबंध में एसडीओ अनिल कुमार ने कहा कि लाइन में तकनीकी गड़बड़ी के कारण आपूर्ति बंद हुई है। फॉल्ट ठीक होते ही बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
अप्रैल के पहले सप्ताह से ही गर्मी ने कड़ा रुख दिखाना शुरू कर दिया है। इसी के साथ ही बिजली का गुलगपाड़ा भी शुरू हो गया है। जर्जर तार और पोल के सहारे दौड़ाई गई इलाके की बिजली आपूर्ति में कब फॉल्ट आ जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। शनिवार को मिश्राइनपुर फीडर में तकनीकी गड़बड़ी आने के कारण इससे जुड़े शेरपुर, कलापुर, चिरंजीवपुर, दमगढ़ा, भानीपुर, मसुधी, धनऊपुर, पांडेयपुर, बरना, दयालपुर, कुढ़वा, कठार, प्रयागपुर, बछपट्टी और दुर्गागंज बाजार समेत 25 गांवों में अंधेरा छा गया। इसके चलते तमाम लोगों को गर्मी में पीने का पानी भी नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण परिवेश होने के कारण लोगों को हैंडपंप पर निर्भर होना पड़ रहा है, लेकिन तमाम हैंडपंप भी खराब हालत में हैं। भीषण गर्मी में पंखे और कूलर भी शोपीस बनकर रह गए हैं। इससे परेशानी बढ़ गई है। रविवार को शाम तक बिजली का अता-पता नहीं था। किसान नेता सुरेशचंद मौर्या, पप्पू कनौजिया, विनोद सिंह, स्वामीनाथ पांडेय, लल्लू दुबे, केके पांडेय, अजय यादव, डब्बू यादव, त्रिभुवन सिंह, लालता प्रसाद आदि किसानों ने बिजली की इस दुर्दशा पर रोष प्रकट करते हुए कहा कि खेती-बारी का काम भी प्रभावित हो रहा है। कहा कि न तो सब्जी की सिंचाई हो पा रही है ना ही गेहूं की मड़ाई। चेतावनी दी कि अगर शीघ्र ही बिजली आपूर्ति न सुधरी तो आंदोलन किया जाएगा। इस संबंध में एसडीओ अनिल कुमार ने कहा कि लाइन में तकनीकी गड़बड़ी के कारण आपूर्ति बंद हुई है। फॉल्ट ठीक होते ही बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
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