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Bhadohi News: प्रोजेक्ट अलंकार से 38 राजकीय स्कूलों की होगी मरम्मत
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राजकीय बालिका हाईस्कूल अर्जुनपुर। संवाद
- फोटो : 1
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जिले के 33 राजकीय हाईस्कूल और पांच इंटर कॉलेजों की मरम्मत होगी। दो से ढाई दशक पुराने विद्यालयों में खिड़की, दरवाजे और जर्जर भवनों को चिह्नित कर दुरुस्त किया जाएगा। शासन के निर्देश पर ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की टीम ने सभी विद्यालयों का सर्वे शुरू कर दिया है। एक-एक विद्यालय की कमियों को चिह्नित कर सूची तैयार की जा रही है। इसके बाद स्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जाएगा। जिले में कुल 38 राजकीय हाईस्कूल और इंटरमीडिएट कॉलेज हैं। इनमें 37 विद्यालय दो से ढाई दशक पुराने हैं, जबकि पीएम श्री विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज 100 साल से अधिक पुराना है। बारिश, ठंड और धूप का सामना करने से इन स्कूल भवनों की स्थिति धीरे-धीरे खराब हो रही है। कई विद्यालयों की खिड़की, दरवाजे और टाइल्स भी खराब हो चुके हैं।
शासन के निर्देश पर शुरू हुए सर्वे में मरम्मत और निर्माण संबंधी कार्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। सभी विद्यालयों से आवश्यक कार्यों की सूची और उन पर होने वाले खर्च का ब्योरा संकलित किया जाएगा। इसके आधार पर बजट की मांग की जाएगी। बजट मिलने के बाद सुधार कार्य कराया जाएगा। प्रधानाचार्यों से भी विद्यालय में कराए जाने वाले कार्यों की जानकारी ली जा रही है।
अनुरक्षण कार्य के लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि निर्माण संबंधी कार्यों का ब्योरा जुटाने का जिम्मा कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) को दिया गया है। विद्यालयों में मरम्मत, रंगाई-पुताई समेत अन्य छोटे कार्यों का ब्योरा जुटाकर उनके खर्च का आकलन कराया जा रहा है। वहीं, निर्माण कार्यों में बाउंड्रीवॉल समेत अन्य बड़े कार्य शामिल हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि प्रोजेक्ट अलंकार के तहत यह जानकारी जुटाई जा रही है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के जेई विद्यालयों का सर्वे कर रहे हैं। आकलन रिपोर्ट से पता चलेगा कि किस विद्यालय में क्या काम कराया जाना है और उस पर कितना खर्च आएगा। इसी के आधार पर विद्यालयवार बजट की मांग की जाएगी।
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शासन के निर्देश पर शुरू हुए सर्वे में मरम्मत और निर्माण संबंधी कार्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। सभी विद्यालयों से आवश्यक कार्यों की सूची और उन पर होने वाले खर्च का ब्योरा संकलित किया जाएगा। इसके आधार पर बजट की मांग की जाएगी। बजट मिलने के बाद सुधार कार्य कराया जाएगा। प्रधानाचार्यों से भी विद्यालय में कराए जाने वाले कार्यों की जानकारी ली जा रही है।
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अनुरक्षण कार्य के लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि निर्माण संबंधी कार्यों का ब्योरा जुटाने का जिम्मा कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) को दिया गया है। विद्यालयों में मरम्मत, रंगाई-पुताई समेत अन्य छोटे कार्यों का ब्योरा जुटाकर उनके खर्च का आकलन कराया जा रहा है। वहीं, निर्माण कार्यों में बाउंड्रीवॉल समेत अन्य बड़े कार्य शामिल हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि प्रोजेक्ट अलंकार के तहत यह जानकारी जुटाई जा रही है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के जेई विद्यालयों का सर्वे कर रहे हैं। आकलन रिपोर्ट से पता चलेगा कि किस विद्यालय में क्या काम कराया जाना है और उस पर कितना खर्च आएगा। इसी के आधार पर विद्यालयवार बजट की मांग की जाएगी।
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