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ढाई महीने बाद जांच अधिकारी ने लौटाई फाइल
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ज्ञानपुर। डीघ ब्लॉक क्षेत्र के गांवों में विकास कार्यों के नाम पर हुई करोड़ों रुपये की घपलेबाजी का खुलासा कर पंचायत विभाग भले ही वसूली का दंभ भर रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। दिसंबर 2018 के पहले सप्ताह में संपूर्ण समाधान दिवस में ओमकार नाथ तिवारी, बाबाराम तिवारी, विकास तिवारी, वंशमनि तिवारी, डबलू गौतम, रामसुख पासी आदि निवासी कूड़ीखुर्द ने डीएम को शपथ पत्र देकर गांव में कराए गए विकास कार्यों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए जांच कराने की मांग की थी।
जिलाधिकारी ने 27 फरवरी को आबकारी अधिकारी आरपी सिंह चौहान के नेतृत्व में दो सदस्यीय टीम गठित कर एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश डीपीआरओ बालेश्वर द्विवेदी को दिया था। कार्य की अधिकता के कारण टीम ने जांच न कर ढाई महीने बाद फाइल डीपीआरओ कार्यालय को लौटा दी। इससे फरियादियों में मायूसी छा गई। शिकायतकर्ताओं ने फिर आवाज उठाई। मामला बिगड़ते देख विभाग ने पुन:एक सप्ताह में नई टीम गठित कर जांच कराने का आश्वासन दे दिया। इस संबंध में जांच टीम में शामिल रहे आबकारी अधिकारी आरपी सिंह चौहान का कहना है कि कार्य का बोझ अधिक होने के कारण जांच नहीं हो सकी। विलंब हो रहा था, इसलिए फाइल डीपीआरओ को वापस कर दी गई। उधर डीपीआरओ ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है, दिखवाया जाएगा।
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जिलाधिकारी ने 27 फरवरी को आबकारी अधिकारी आरपी सिंह चौहान के नेतृत्व में दो सदस्यीय टीम गठित कर एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश डीपीआरओ बालेश्वर द्विवेदी को दिया था। कार्य की अधिकता के कारण टीम ने जांच न कर ढाई महीने बाद फाइल डीपीआरओ कार्यालय को लौटा दी। इससे फरियादियों में मायूसी छा गई। शिकायतकर्ताओं ने फिर आवाज उठाई। मामला बिगड़ते देख विभाग ने पुन:एक सप्ताह में नई टीम गठित कर जांच कराने का आश्वासन दे दिया। इस संबंध में जांच टीम में शामिल रहे आबकारी अधिकारी आरपी सिंह चौहान का कहना है कि कार्य का बोझ अधिक होने के कारण जांच नहीं हो सकी। विलंब हो रहा था, इसलिए फाइल डीपीआरओ को वापस कर दी गई। उधर डीपीआरओ ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है, दिखवाया जाएगा।
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