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कृषि वैज्ञानिकों और किसानों के बीच संवाद
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औराई। कृषि विभाग की ओर से काशीराज इंटर कॉलेज में सोमवार को पांच दिवसीय किसान गोष्ठी एवं मेले का शुभारंभ हुआ। जिसमें आए कृषि वैज्ञानिकों और किसानों के बीच प्रश्नोत्तरी के माध्यम से संवाद हुआ। प्रश्नों का जवाब देने वाले किसानों को पुरस्कृत किया गया, हालांकि मेले में पहले दिन अपेक्षाकृत कम किसान पहुंचे। जिससे कुर्सियां खाली रह गई।
पांच दिवसीय मेले का शुभारंभ प्रगतिशील किसान किशोर चंद्र बरनवाल, राम अकबाल तिवारी ने दीप प्रज्जवलित कर किया। उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने कहा कि किसान बुआई से लेकर कटाई तक फसलों का बेहतर ढंग से देेखभाल करें। रासायनिक के बजाए जैविक खेती करना बेहतर होगा। कृषि वैज्ञानिक डॉ. एके चतुर्वेदी, डॉ. शिशिर कुमार, पीएन सिंह, एके चौधरी ने सब्जी समेत विभिन्न फसलों की खेती में लगने वाले रोग एवं उनके बचाव के बारे में विधिवत ढंग से बताया। आचार संहिता लगने से सरकारी योजनाओं के बखान के बजाए किसानों से खेतीबारी को लेकर संवाद स्थापित किया गया। भोजपुरी गायक हजारी दूबे ने भी अपने गीतों के माध्यम से किसानों को अच्छी पैदावार करने के लिए जागरूक किया। उप निदेशक कृषि ने कहा कि किसान सम्मान निधि की फीडिंग से मेले का प्रचार-प्रसार नहीं हो सका। पहले दिन किसानों की संख्या कम रही लेकिन जो किसान आए वह पूरे समय तक खेतीबारी की बातों को सुना। मौके पर अनिल सिंह, रामजीत पाल आदि रहे।
पांच दिवसीय मेले का शुभारंभ प्रगतिशील किसान किशोर चंद्र बरनवाल, राम अकबाल तिवारी ने दीप प्रज्जवलित कर किया। उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने कहा कि किसान बुआई से लेकर कटाई तक फसलों का बेहतर ढंग से देेखभाल करें। रासायनिक के बजाए जैविक खेती करना बेहतर होगा। कृषि वैज्ञानिक डॉ. एके चतुर्वेदी, डॉ. शिशिर कुमार, पीएन सिंह, एके चौधरी ने सब्जी समेत विभिन्न फसलों की खेती में लगने वाले रोग एवं उनके बचाव के बारे में विधिवत ढंग से बताया। आचार संहिता लगने से सरकारी योजनाओं के बखान के बजाए किसानों से खेतीबारी को लेकर संवाद स्थापित किया गया। भोजपुरी गायक हजारी दूबे ने भी अपने गीतों के माध्यम से किसानों को अच्छी पैदावार करने के लिए जागरूक किया। उप निदेशक कृषि ने कहा कि किसान सम्मान निधि की फीडिंग से मेले का प्रचार-प्रसार नहीं हो सका। पहले दिन किसानों की संख्या कम रही लेकिन जो किसान आए वह पूरे समय तक खेतीबारी की बातों को सुना। मौके पर अनिल सिंह, रामजीत पाल आदि रहे।
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