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पति को दस,सास,ससुर और जेठ को सात वर्ष कारावास
Updated Thu, 31 Aug 2017 12:12 AM IST
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ज्ञानपुर (भदोही)।
जिला एवं सत्र न्यायालय की अदालत ने बुधवार को दहेज हत्या के आरोप में पति को दस, सास, ससुर और जेठ को सात-सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषियों पर तीन-तीन हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
कछवां थाना क्षेत्र के करसरा गांव निवासी रमेश चंद बिंद ने आरोप लगाया कि उसकी लड़की सपना देवी का विवाह 11 जून 2014 को औराई थाना क्षेत्र के कुरौना निवासी राजू बिंद के साथ किया था। शादी के बाद से ससुराल वाले दहेज में टीवी, बाइक, सोने की चेन की मांग को लेकर उत्पीड़न करते थे। लड़की के पति, सास, ससुर और जेठ के दहेज की मांग करने पर कई बार पुत्री की ससुराल वालों को जाकर समझाया लेकिन नहीं माने। चार नवंबर 2014 को 11 बजे रात रिश्तेदारों से सूचना मिली कि उसकी लड़की की मृत्युुु हो गई है। सूचना पर पुत्री के ससुराल में गया तो वह मरी पड़ी थी। पुलिस ने दहेज हत्या समेत विभिन्न धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। गवाहों के बयान और दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद जनपद न्यायाधीश कुलदीप कुमार की अदालत ने दोषी पति राजू बिंद को 10 वर्ष कारावास और राजन बिंद, रामलखन और जुबानी देवी को सात-सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई। साथ ही तीन-तीन हजार रुपये की अर्थदंड भी लगाया है।
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जिला एवं सत्र न्यायालय की अदालत ने बुधवार को दहेज हत्या के आरोप में पति को दस, सास, ससुर और जेठ को सात-सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषियों पर तीन-तीन हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
कछवां थाना क्षेत्र के करसरा गांव निवासी रमेश चंद बिंद ने आरोप लगाया कि उसकी लड़की सपना देवी का विवाह 11 जून 2014 को औराई थाना क्षेत्र के कुरौना निवासी राजू बिंद के साथ किया था। शादी के बाद से ससुराल वाले दहेज में टीवी, बाइक, सोने की चेन की मांग को लेकर उत्पीड़न करते थे। लड़की के पति, सास, ससुर और जेठ के दहेज की मांग करने पर कई बार पुत्री की ससुराल वालों को जाकर समझाया लेकिन नहीं माने। चार नवंबर 2014 को 11 बजे रात रिश्तेदारों से सूचना मिली कि उसकी लड़की की मृत्युुु हो गई है। सूचना पर पुत्री के ससुराल में गया तो वह मरी पड़ी थी। पुलिस ने दहेज हत्या समेत विभिन्न धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। गवाहों के बयान और दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद जनपद न्यायाधीश कुलदीप कुमार की अदालत ने दोषी पति राजू बिंद को 10 वर्ष कारावास और राजन बिंद, रामलखन और जुबानी देवी को सात-सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई। साथ ही तीन-तीन हजार रुपये की अर्थदंड भी लगाया है।
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