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बसपा के पूर्व विधायक के निष्कासन से सियासत गर्मायी
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ज्ञानपुर। मिर्जापुर के पूर्व बसपा विधायक रमेश बिंद को मंगलवार को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। उनके निष्कासन से जिले की सियासत गरमा गई है। उनके भदोही संसदीय सीट से दावेदारी अब धूमिल हो गई है। करीब एक साल से जिले में होने वाले कई धार्मिक एवं अन्य कार्यक्रमों में भी हिस्सा ले रहे थे।
लोकसभा चुनाव 2019 के लिए सपा, बसपा, कांग्रेस और भाजपा में कई दावेदार ताल ठोक रहे हैं। दो दिन पूर्व बसपा की ओर से पूर्व मंत्री रंगनाथ मिश्र को प्रभारी बना दिया गया। इससे पिछड़ी जाति से प्रत्याशी बनाए जाने के अटकलों को विराम लग गया। मंगलवार को बसपा के मिर्जापुर जिलाध्यक्ष कुंज बिहारी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए पूर्व विधायक रमेेश बिंद को पार्टी से निष्कासित कर दिया। जिसको लेकर राजनीतिक हलके में चर्चा तेज हो गई है। गौरतलब है कि डा. रमेशचंद बिंद तीन बार मझवां से विधायक रहे हैं। 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में डा. रमेशचंद बिंद की पत्नी समुद्रा बिंद बसपा से प्रत्याशी थीं। इस बार भी सपा-बसपा गठबंधन में डा. रमेशचंद बिंद या उनकी पत्नी को लोकसभा चुनाव का टिकट मिलने की चर्चा थी।
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लोकसभा चुनाव 2019 के लिए सपा, बसपा, कांग्रेस और भाजपा में कई दावेदार ताल ठोक रहे हैं। दो दिन पूर्व बसपा की ओर से पूर्व मंत्री रंगनाथ मिश्र को प्रभारी बना दिया गया। इससे पिछड़ी जाति से प्रत्याशी बनाए जाने के अटकलों को विराम लग गया। मंगलवार को बसपा के मिर्जापुर जिलाध्यक्ष कुंज बिहारी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए पूर्व विधायक रमेेश बिंद को पार्टी से निष्कासित कर दिया। जिसको लेकर राजनीतिक हलके में चर्चा तेज हो गई है। गौरतलब है कि डा. रमेशचंद बिंद तीन बार मझवां से विधायक रहे हैं। 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में डा. रमेशचंद बिंद की पत्नी समुद्रा बिंद बसपा से प्रत्याशी थीं। इस बार भी सपा-बसपा गठबंधन में डा. रमेशचंद बिंद या उनकी पत्नी को लोकसभा चुनाव का टिकट मिलने की चर्चा थी।
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