{"_id":"59e50b484f1c1ba7678b6302","slug":"131508182856-bhadohi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"केंद्र सरकार के खिलाफ भाकपा का कलेक्ट्रेट पर धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केंद्र सरकार के खिलाफ भाकपा का कलेक्ट्रेट पर धरना
Updated Tue, 17 Oct 2017 01:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्ञानपुर (भदोही)।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने सोमवार को केंद्र सरकार के खिलाफ कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। इस दौरान सरकार पर पिछले दरवाजे से भ्रष्टाचार कराने का आरोप लगाया। कहा कि बढ़ती महंगाई को रोक पाने में अक्षम सरकार अब इस्तीफा दे। अंत में प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित 11 सूत्री मांगाें का ज्ञापन डीएम को सौंपा।
जिला मंत्री सुशील श्रीवास्तव ने कहा कि पार्टी 15 सितंबर से 15 अक्टूबर तक देशभर में जनजागरण अभियान चलाकर लोगों को जागरूक कर रही है। केंद्र सरकार की किसान और मजदूर विरोधी नीतियाें से जनता त्रस्त हो चुकी है। सरकार हर मोर्चे पर विफल हो चुकी है। पूंजीपतियों पर अरबों बकाया नहीं वसूल किया जा रहा है। अलबत्ता किसानों को कर्ज वसूली के नाम पर परेशान किया जा रहा है। संगठन के 11 सूत्री मांगाें में पनामा पेपर्स लीक मामले में श्वेतपत्र जारी करने, पूंजीपतियों का बकाया वसूली, जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने, दलितों, गरीबों, महिलाओं और बेरोजगारों के लिए पूर्व सरकार की योजनाओं को संचालित करने, ललित मोदी घोटाला, व्यापम घोटाले का पर्दाफाश करने की मांग की। साथ ही राजनीतिक हिंसा पर रोक लगाने के साथ ही सांप्रदायिक हिंसा विरोधी कानून को पारित कराने की मांग की। किसानों की फसलों का 50 प्रतिशत जोड़कर लाभकारी मूल्य दिया जाए और एमएस स्वामीनाथन की अध्यक्षता वाले राष्ट्रीय किसान आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाए। धरने में राजेंद्र प्रसाद कन्नौजिया, ओमप्रकाश यादव, भूलाल पाल, पंधारी यादव, इंद्रावती देवी, अमरावती देवी, छोटे वनवासी, मनोज गौतम, उर्मिला देवी, जयप्रकाश, ज्ञान देवी, सुमिता, अफसर अली, श्याम देवी आदि रहीं।
विज्ञापन
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने सोमवार को केंद्र सरकार के खिलाफ कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। इस दौरान सरकार पर पिछले दरवाजे से भ्रष्टाचार कराने का आरोप लगाया। कहा कि बढ़ती महंगाई को रोक पाने में अक्षम सरकार अब इस्तीफा दे। अंत में प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित 11 सूत्री मांगाें का ज्ञापन डीएम को सौंपा।
जिला मंत्री सुशील श्रीवास्तव ने कहा कि पार्टी 15 सितंबर से 15 अक्टूबर तक देशभर में जनजागरण अभियान चलाकर लोगों को जागरूक कर रही है। केंद्र सरकार की किसान और मजदूर विरोधी नीतियाें से जनता त्रस्त हो चुकी है। सरकार हर मोर्चे पर विफल हो चुकी है। पूंजीपतियों पर अरबों बकाया नहीं वसूल किया जा रहा है। अलबत्ता किसानों को कर्ज वसूली के नाम पर परेशान किया जा रहा है। संगठन के 11 सूत्री मांगाें में पनामा पेपर्स लीक मामले में श्वेतपत्र जारी करने, पूंजीपतियों का बकाया वसूली, जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने, दलितों, गरीबों, महिलाओं और बेरोजगारों के लिए पूर्व सरकार की योजनाओं को संचालित करने, ललित मोदी घोटाला, व्यापम घोटाले का पर्दाफाश करने की मांग की। साथ ही राजनीतिक हिंसा पर रोक लगाने के साथ ही सांप्रदायिक हिंसा विरोधी कानून को पारित कराने की मांग की। किसानों की फसलों का 50 प्रतिशत जोड़कर लाभकारी मूल्य दिया जाए और एमएस स्वामीनाथन की अध्यक्षता वाले राष्ट्रीय किसान आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाए। धरने में राजेंद्र प्रसाद कन्नौजिया, ओमप्रकाश यादव, भूलाल पाल, पंधारी यादव, इंद्रावती देवी, अमरावती देवी, छोटे वनवासी, मनोज गौतम, उर्मिला देवी, जयप्रकाश, ज्ञान देवी, सुमिता, अफसर अली, श्याम देवी आदि रहीं।
विज्ञापन