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झमाझमा हुई बरसात, निहाल हुए किसान
Updated Fri, 22 Sep 2017 12:27 AM IST
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ज्ञानपुर (भदोही)।
दो दिनों से इंद्रदेव कालीननगरी पर मेहरबान हैं। लगातार दूसरे दिन भी जिले में बरसात हुई। गुरुवार को हुई झमाझम बारिश से किसान निहाल हो गए। उनकी सूख रही धान की फसल अब बच जाएगी। बरसात से धान के अलावा अन्य फसलों को भी काफी फायदा हुआ है।
जिले में गुरुवार को सुबह साढ़े 11 बजे से 12 बजे तक बरसात हुई। इसके बाद, दोपहर तीन बजे से पौने चार बजे तक झूमकर मेघ बरसे। दिन में सवा घंटे बारिश होने से निचले क्षेत्रों में जल जमाव हो गया। सड़कों पर भी पानी लग गया। ज्ञानपुर नगर के दुर्गागंज त्रिमुहानी, पटेल नगर की सड़क पर जल जमाव हो गया। जिले की उबड़-खाबड़ सड़कें कीचड़ और पानी में डूबी रहीं। बरसात होने से जहां अन्नदाता खुश हो गए। वहीं, गर्मी, उमस से भी लोगों को काफी राहत मिल गई। जिले में एक पखवारे तक बिल्कुल बरसात न होने से धान, मक्का, अरहर, बाजरे, उरद, मूंग समेत सब्जी की फसल सूख रही थी। इससे किसान चिंता में डूब गए थे। किसान बरसात के लिए भगवान इंद्र से प्रार्थना कर रहे थे। भगवान ने अन्नदाताओं की प्रार्थना सुनी और जिले में फिर से मानसूनी बरसात होने लगी। पानी के अभाव में किसानों की काफी धान की फसल सूख भी चुकी है। लंबे समय तक बरसात न होने और बिजली की किल्लत से फसलों की पोर सूखने लगी थीं। बिजली की कमी के चलते किसान नलकूपों से भी अपनी फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे थे। नहरों की पहुंच पूरे जिले में नही हैं। जिले में खरीफ और जायद की फसलों के लिए बरसात का ही सहारा है। बरसात न होने पर फसलें सूख जाती हैं। किसानों ने कहा कि आगे और बरसात होने पर धान की अच्छी पैदावार होगी। हम लोग नुकसान से बच जाएंगे।
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दो दिनों से इंद्रदेव कालीननगरी पर मेहरबान हैं। लगातार दूसरे दिन भी जिले में बरसात हुई। गुरुवार को हुई झमाझम बारिश से किसान निहाल हो गए। उनकी सूख रही धान की फसल अब बच जाएगी। बरसात से धान के अलावा अन्य फसलों को भी काफी फायदा हुआ है।
जिले में गुरुवार को सुबह साढ़े 11 बजे से 12 बजे तक बरसात हुई। इसके बाद, दोपहर तीन बजे से पौने चार बजे तक झूमकर मेघ बरसे। दिन में सवा घंटे बारिश होने से निचले क्षेत्रों में जल जमाव हो गया। सड़कों पर भी पानी लग गया। ज्ञानपुर नगर के दुर्गागंज त्रिमुहानी, पटेल नगर की सड़क पर जल जमाव हो गया। जिले की उबड़-खाबड़ सड़कें कीचड़ और पानी में डूबी रहीं। बरसात होने से जहां अन्नदाता खुश हो गए। वहीं, गर्मी, उमस से भी लोगों को काफी राहत मिल गई। जिले में एक पखवारे तक बिल्कुल बरसात न होने से धान, मक्का, अरहर, बाजरे, उरद, मूंग समेत सब्जी की फसल सूख रही थी। इससे किसान चिंता में डूब गए थे। किसान बरसात के लिए भगवान इंद्र से प्रार्थना कर रहे थे। भगवान ने अन्नदाताओं की प्रार्थना सुनी और जिले में फिर से मानसूनी बरसात होने लगी। पानी के अभाव में किसानों की काफी धान की फसल सूख भी चुकी है। लंबे समय तक बरसात न होने और बिजली की किल्लत से फसलों की पोर सूखने लगी थीं। बिजली की कमी के चलते किसान नलकूपों से भी अपनी फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे थे। नहरों की पहुंच पूरे जिले में नही हैं। जिले में खरीफ और जायद की फसलों के लिए बरसात का ही सहारा है। बरसात न होने पर फसलें सूख जाती हैं। किसानों ने कहा कि आगे और बरसात होने पर धान की अच्छी पैदावार होगी। हम लोग नुकसान से बच जाएंगे।
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