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भदोही में इंडिया कारपेट एक्सपो आयोजन की संभावनाएं धूंधली
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भदोही। हलांकि अभी कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) ने अक्टूबर के इंडिया कारपेट एक्सपो वाराणसी अथवा भदोही में कराए जाने पर अंतिम निर्णय नहीं लिया है लेकिन भदोही के नवनिर्मित एक्सपो मार्ट में फेयर आयोजन की संभावनाएं लगातार धूमिल होती जा रही हैं। शुक्रवार को परिषद के प्रशासनिक समिति के सदस्य संजय गुप्ता ने मार्ट का इंस्पेक्शन करने के बाद कहा कि कार्यदाई संस्था को 26 बिंदुओं पर काम को अंतिम रूप देने को निर्देशित किया गया था लेकिन प्रगति निराशाजनक है। निरीक्षण के दौरान मार्ट में कोई जिम्मेदार न मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई।
सायं 5 बजे प्रशासनिक सदस्य संजय गुप्ता परिषद के क्षेत्रीय निदेशक वीके सिन्हा के साथ मार्ट पहुंचे। वहां गेटमैन के अलावा कोई नहीं था। क्षेत्रीय निदेशक ने बताया कि 8 मार्च को यहां परिषद की पूरी टीम आई थी। तब निर्माण एजेंसी व प्रदेश के उद्योग विभाग के अधिकारियों को 26 बिंदुओं पर काम करके देने को कहा गया था। जिसके लिए विभागीय अधिकारियों ने दो माह का समय मांगा था। लेकिन एक माह से अधिक समय बाद भी कोई प्रगति दिखाई नहीं देती।
क्षेत्रीय निदेशक ने बताया कि पेंटिंग का कार्य शून्य है। मार्ट का एक गेट बदलना था वह भी नहीं हुआ है। जगह जगह टूटे शीशों को बदलने की बात थी। कई स्थानों पर टूटे टाइल्स मार्ट की शोभा बिगाड़ रहे हैं उसे भी दुरूस्त करने की बात थी लेकिन कुछ काम नहीं हुआ है।
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प्रशासनिक सदस्य ने कहा कि ऐसे में यहां आयोजन तो मुश्किल प्रतीत होता है। कहा कि अक्टुबर में फेयर होना है। इसके चलते तिथियों की घोषणा में भी देरी हो रही है। तिथियों की घोषणा के साथ फेयर में बायरों को लाने तथा अन्य तैयारियां की जाती है। उसे देखते हुए समय तेजी से भाग रहा है और काम कुछ नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि वे इंस्पेक्शन रिपोर्ट चेयरमैन को सौंपेंगे।
सीईपीसी द्वारा साल में दो इंडिया कारपेट एक्सपो का आयोजन होता है। मार्च महीने में नई दिल्ली में तथा अक्टूबर महीने में वाराणसी में। वाराणसी के बजाए फेयर भदोही में कराए जाने के लिए तत्कालीन सपा सरकार द्वारा 200 करोड़ की लागत से भदोही में कारपेट एक्सपो मार्ट का निर्माण कराया गया। लेकिन जिस प्रकार से मार्ट में कमियां हैं और उन्हें पूरा किए जाने के प्रति उद्योग विभाग उदासीन बना हुआ है उससे लगता है इस वर्ष का अक्टूबर फेयर भी वाराणसी में ही होगा।
सायं 5 बजे प्रशासनिक सदस्य संजय गुप्ता परिषद के क्षेत्रीय निदेशक वीके सिन्हा के साथ मार्ट पहुंचे। वहां गेटमैन के अलावा कोई नहीं था। क्षेत्रीय निदेशक ने बताया कि 8 मार्च को यहां परिषद की पूरी टीम आई थी। तब निर्माण एजेंसी व प्रदेश के उद्योग विभाग के अधिकारियों को 26 बिंदुओं पर काम करके देने को कहा गया था। जिसके लिए विभागीय अधिकारियों ने दो माह का समय मांगा था। लेकिन एक माह से अधिक समय बाद भी कोई प्रगति दिखाई नहीं देती।
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क्षेत्रीय निदेशक ने बताया कि पेंटिंग का कार्य शून्य है। मार्ट का एक गेट बदलना था वह भी नहीं हुआ है। जगह जगह टूटे शीशों को बदलने की बात थी। कई स्थानों पर टूटे टाइल्स मार्ट की शोभा बिगाड़ रहे हैं उसे भी दुरूस्त करने की बात थी लेकिन कुछ काम नहीं हुआ है।
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प्रशासनिक सदस्य ने कहा कि ऐसे में यहां आयोजन तो मुश्किल प्रतीत होता है। कहा कि अक्टुबर में फेयर होना है। इसके चलते तिथियों की घोषणा में भी देरी हो रही है। तिथियों की घोषणा के साथ फेयर में बायरों को लाने तथा अन्य तैयारियां की जाती है। उसे देखते हुए समय तेजी से भाग रहा है और काम कुछ नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि वे इंस्पेक्शन रिपोर्ट चेयरमैन को सौंपेंगे।
सीईपीसी द्वारा साल में दो इंडिया कारपेट एक्सपो का आयोजन होता है। मार्च महीने में नई दिल्ली में तथा अक्टूबर महीने में वाराणसी में। वाराणसी के बजाए फेयर भदोही में कराए जाने के लिए तत्कालीन सपा सरकार द्वारा 200 करोड़ की लागत से भदोही में कारपेट एक्सपो मार्ट का निर्माण कराया गया। लेकिन जिस प्रकार से मार्ट में कमियां हैं और उन्हें पूरा किए जाने के प्रति उद्योग विभाग उदासीन बना हुआ है उससे लगता है इस वर्ष का अक्टूबर फेयर भी वाराणसी में ही होगा।